मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू स्मार्ट सिटी लिमिटेड अंतर्गत एक प्रमुख पहल, तवी रिवरफ्रंट विकास परियोजना का व्यापक निरीक्षण किया। इस परियोजना का उद्देश्य बाढ़ सुरक्षा को मनोरंजक और वाणिज्यिक बुनियादी ढाँचे के साथ एकीकृत करके तवी नदी के तटों को पुनर्जीवित करना है ताकि एक गतिशील शहरी क्षेत्र का निर्माण किया जा सके।
इस निरीक्षण में मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा परिवहन मंत्री सतीश शर्मा भी उपस्थित थे। इस अवसर पर जेएमसी आयुक्त एवं जेएससीएल के सीईओ देवांश यादव, जेएससीएल के अतिरिक्त सीईओ एवं जेएमसी के संयुक्त आयुक्त सुबाह मेहता, जेएससीएल के परियोजना निदेशक सुनील थुसू, जेएससीएल के वरिष्ठ महाप्रबंधक राजेश अबरोल, जेएससीएल के सहायक अभियंता अखिल सम्याल, और यूईईडी जम्मू तथा सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के वरिष्ठ इंजीनियर एवं अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत चल रहे सिविल कार्यों की प्रगति की समीक्षा की, जो भगवती नगर बैराज से बिक्रम चैक पुल तक फैला है। उन्हें बताया गया कि भाग-ए के अंतर्गत 97 प्रतिशत से अधिक कार्य, जिसमें प्रथम चरण का निर्माण घटक भी शामिल है, पूरा हो चुका है। परियोजना के पूर्णतः पूर्ण होने का लक्ष्य सितंबर 2025 रखा गया है।
निरीक्षण के दौरान, मुख्यमंत्री ने परियोजना की प्रमुख विशेषताओं की समीक्षा की, जिनमें नदी के दोनों किनारों और एक केंद्रीय द्वीप पर बहु-स्तरीय सैरगाहों का विकास, बाढ़ नियंत्रण संबंधी बुनियादी ढाँचे जैसे डायाफ्राम और रिटेनिंग वॉल का निर्माण, मौजूदा पुलों पर घाट सुरक्षा उपाय, एक केंद्रीय व्यावसायिक और मनोरंजन क्षेत्र का निर्माण और प्रदूषित नालों को नदी से दूर मोड़ने के लिए इंटरसेप्टर नालियों की स्थापना शामिल है।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि भाग-ए के तहत, कुल 2.70 किलोमीटर लंबे तटबंध का विकास किया जा रहा है, जिसमें अलग-अलग चैड़ाई के चार सैरगाह शामिल होंगे और लगभग 23 हेक्टेयर भूमि का पुनग्र्रहण किया जाएगा। परियोजना के भाग-बी में संपर्क सड़कों, फूड कोर्ट, पुल, शौचालय ब्लॉक, बागवानी और सैरगाह के फर्श का निर्माण जैसे अंतिम कार्य शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने कार्यान्वयन की गति पर संतोष व्यक्त किया और इसके समय पर पूरा होने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल शहरी सौंदर्यीकरण के लिए नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक तवी नदी पर केंद्रित जम्मू की एक नई पहचान बनाने के लिए भी है।
यह पहल पारिस्थितिक और आर्थिक, दोनों उद्देश्यों की पूर्ति करेगी। उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने, रोज़गार सृजन करने और हरित भवन, पार्क, खेल क्षेत्र और सांस्कृतिक चैक सहित स्थायी वाणिज्यिक अचल संपत्ति विकल्प प्रदान करने की परियोजना की क्षमता पर भी प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने सीबीआरई द्वारा वर्तमान में तैयार की जा रही मुद्रीकरण रणनीति की समीक्षा की, जो भविष्य के चरणों में तवी पुल से सिद्धड़ा पुल तक रिवरफ्रंट विकास के विस्तार में सहायता करेगी। मुख्यमंत्री ने जेएससीएल, जेएमसी और जल शक्ति विभाग के समन्वित प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान स्थिरता और जन सुविधा सुनिश्चित करते हुए गुणवत्ता और समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।