Thursday, 16 July 2026

 

 

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एलओसी पहुंचे सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने सुरक्षा तैयारी और आतंकवाद रोधी अभियानों की समीक्षा की

Military, General Dhiraj Seth, Indian Army, Chief of the Army Staff, COAS, Jammu
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5 Dariya News

जम्मू , 09 Jul 2026

Last updated on: Jul 10, 2026, 14:28 IST

भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ, राजौरी और सुंदरबनी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) से लगे अग्रिम सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने यहां सुरक्षा स्थिति, सैन्य तैयारियों और आतंकवाद-रोधी अभियानों की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने व्हाइट नाइट कोर की विभिन्न तैनातियों और परिचालन व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।

इस दौरान सेना प्रमुख को नियंत्रण रेखा पर मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य, पाकिस्तान की ओर से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों, घुसपैठ रोधी तंत्र तथा आतंकवाद-रोधी ग्रिड की प्रभावशीलता के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने उन्हें क्षेत्र में सैनिकों की तैनाती, निगरानी व्यवस्था, खुफिया समन्वय और बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के अनुरूप अपनाई जा रही रणनीतियों से अवगत कराया।

जनरल धीरज सेठ ने आधुनिक निगरानी प्रणालियों, तकनीक आधारित सुरक्षा उपायों और सैन्य इकाइयों द्वारा विकसित किए गए क्षेत्रीय नवाचारों का भी मूल्यांकन किया। उन्हें बताया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी क्षमता बढ़ाने, घुसपैठ की कोशिशों का समय रहते पता लगाने तथा त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उन्नत तकनीकों का उपयोग लगातार बढ़ाया जा रहा है।

सेना प्रमुख ने विभिन्न इकाइयों की एकीकृत परिचालन तत्परता का भी आकलन किया और सैनिकों की उच्च स्तर की तैयारी पर संतोष व्यक्त किया। उन्‍होंने क्षेत्र में चल रहे आधारभूत संरचना विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्हें सीमावर्ती इलाकों में सड़कों, संचार नेटवर्क, सैन्य सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं के निर्माण एवं उन्नयन की प्रगति के बारे में जानकारी दी गई।

दरअसल, सीमावर्ती इलाकों में यह मजबूत आधारभूत ढांचा न केवल सैन्य अभियानों की दक्षता बढ़ाता है बल्कि स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां पहुंचने पर जनरल सेठ ने भारत के प्रथम गांवों के रूप में विकसित किए जा रहे सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही जन-केंद्रित पहलों की जानकारी ली।

सेना द्वारा स्थानीय समुदायों के सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विशेष चर्चा की गई। उन्होंने इन पहलों को राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थानीय विकास के बीच मजबूत सेतु बताते हुए उनकी सराहना की। सेना प्रमुख ने अग्रिम चौकियों पर तैनात अधिकारियों और जवानों से भी बातचीत की।

उन्होंने कठिन भौगोलिक और मौसमीय परिस्थितियों में तैनात जवानों के समर्पण, साहस और पेशेवर दक्षता की प्रशंसा की। उन्होंने सभी रैंकों को परिचालन उत्कृष्टता बनाए रखने, मिशन पर केंद्रित रहने और बदलती चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को लगातार सक्षम बनाने का आह्वान किया। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय सेना की ताकत उसके अनुशासन, पेशेवर क्षमता और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता में निहित है।

सेना के जवान भविष्य की सभी चुनौतियों का सामना उसी दृढ़ता और दक्षता के साथ करते रहेंगे, जिसके लिए भारतीय सेना विश्वभर में सम्मानित है। सेना प्रमुख का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा चुनौतियों, घुसपैठ की कोशिशों और आतंकवादी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सेना प्रमुख की यह यात्रा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा सैनिकों का मनोबल बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

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