Saturday, 13 June 2026

 

 

खास खबरें ऑस्ट्रेलिया ओपन : पीवी सिंधु सेमीफाइनल में यामागुची से हारीं, भारत का अभियान समाप्त 30 जून को सेना प्रमुख का पद संभालेंगे लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ महाराष्ट्र के धुले में बस ने बाइक को मारी टक्कर, मां-बेटे सहित तीन की दर्दनाक मौत पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार की उल्टी गिनती शुरू : नायब सिंह सैनी रक्षा खडसे ने जीवंत ग्राम कार्यक्रम के अंतर्गत लद्दाख के सीमावर्ती गांवों का तीन दिवसीय दौरा पूरा किया भजन लाल की विरासत को आगे बढ़ा रहे कुलदीप बिश्नोई जैसे जननेताओं की हरियाणा को जरूरत : वीरेश शांडिल्य भोपाल में धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों से की बातचीत, शिक्षा से जुड़ी पहलों की समीक्षा की जोरहाट एयरबेस पर एएन-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त, वायुसेना के पांच कर्मियों की मौत कविन्द्र गुप्ता ने लुधियाना स्थित स्वामी विवेकानंद मेडिटेशन पिरामिड का दौरा किया पीएम मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हमेशा हिमाचल को भरपूर आर्थिक सहायता और समर्थन दिया : जेपी नड्डा हमारा लक्ष्य शिक्षा और खेल को एक साथ आगे बढ़ाना है : धर्मेंद्र प्रधान एक्सपीरिंयस एलपीयू 2026: इंटरैक्टिव सेशन, कैंपस टूर और करियर से जुड़ी जानकारी के ज़रिए यूनिवर्सिटी लाइफ़ को जानने का मौका बेटी का सम्मान सर्वोपरि, सपा प्रमुख अपने कार्यकर्ताओं की भाषा भी संयमित कराएं : योगी आदित्यनाथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले ताजिकिस्तान में विशेष सत्र, शामिल हुए कीर्ति वर्धन सिंह नरेंद्र मोदी का फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा से पूर्व प्रस्थान वक्तव्य मध्य प्रदेश में भाजपा ने राज्यसभा में मिली जीत पर मनाया विजय उत्सव हेल्दी एजिंग के लिए योग, 'नी मूवमेंट' से मजबूत घुटने, दूर होगा जोड़ों का दर्द सफलता का सफर आसान नहीं था, हर चुनौती ने मुझे मजबूत बनाया : सुम्बुल तौकीर हार्ट हेल्थ के लिए रामबाण हैं योगासन, तनाव और चिंता से मिलेगी राहत फीफा वर्ल्ड कप : अमेरिका ने धमाकेदार जीत के साथ किया आगाज, पराग्वे को एकतरफा मुकाबले में 4-1 से हराया 14 जून का पंचांग : पुरुषोत्तम मास के 29वें दिन दर्श अमावस्या, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय

 

सीयू पंजाब में इंडो-जापानी किसान संवाद कार्यक्रम, जल और ऊर्जा प्रबंधन पर चर्चा

Central University of Punjab, CUPB, Bathinda, Prof. Raghvendra P Tiwari, Department of Geography, Indian Council of Social Science Research, ICSSR, Institute for Global Environmental Strategies, IGES
Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

बठिंडा , 31 Jan 2025

Last updated on: Jan 31, 2025, 00:00 IST

पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू पंजाब) के भूगोल विभाग ने भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) एवं जापान सोसाइटी फॉर द प्रमोशन ऑफ साइंस (जेएसपीएस) द्वारा प्रायोजित "सामुदायिक पहुंच किसान संवाद कार्यक्रम" का सफल आयोजन किया। 

यह कार्यक्रम इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल एनवायरनमेंटल स्ट्रेटजीज़ (आईजीईएस), जापान और सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय, जयपुर के सहयोग से आयोजित किया गया। इस इंडो-जापानी पहल का मुख्य उद्देश्य कृषि में जल और ऊर्जा के सतत प्रबंधन को बढ़ावा देना था। 

कार्यक्रम में भारत और जापान के विशेषज्ञों ने बठिंडा जिले के किसानों के साथ संवाद किया और जल व ऊर्जा के कुशल उपयोग के लिए एकीकृत समाधान विकसित करने पर चर्चा की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी ने जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु रणनीति अपनाने पर जोर दिया। 

उन्होंने इस क्षेत्र के जल संसाधनों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर बल दिया तथा सामाजिक-सांस्कृतिक संरचनाओं में संरक्षण पद्धतियों के समावेश और एकीकरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में भारत और जापान के विशेषज्ञों ने कृषि में नवीनतम तकनीकों से संबंधित अपने विचार साझा किए। 

जापानी विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार (वरिष्ठ नीति शोधकर्ता - अनुकूलन और जल क्षेत्र), आईजीईएस, जापान) ने सतत कृषि विकास सुनिश्चित करने हेतु पारंपरिक संरक्षण तकनीकों और आधुनिक प्रौद्योगिकियों के संयोजन पर आधारित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। 

डॉ. युकाको इनामुरा (अनुसंधान प्रबंधक - अनुकूलन और जल क्षेत्र, आईजीईएस) ने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए जल पुनर्चक्रण और स्थानीय ऊर्जा समाधान जैसी रणनीतियों के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. सुई कनाजावा (नीति शोधकर्ता, आईजीईएस) ने जापानी परिशुद्धि सिंचाई तकनीकों के बारे में बताया और पंजाब की कृषि में उनके संभावित अनुप्रयोगों पर चर्चा की। 

उन्होंने कहा कि ड्रिप सिंचाई, वर्षा जल संचयन और जल पुन: उपयोग जैसी विधियाँ कृषि उत्पादकता को बढ़ा सकती हैं और जल व ऊर्जा की अत्यधिक खपत को कम करने में सहायक हो सकती हैं। भारतीय विशेषज्ञ डॉ. सूरज कुमार सिंह (प्रोफेसर एवं निदेशक, जलवायु परिवर्तन और जल अनुसंधान केंद्र, सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय, जयपुर) ने अंतरविषयक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। 

इस अवसर पर प्रो. सुभप्रेम सिंह बराड़ और श्री रेशम सिंह बराड़ ने पंजाब की कृषि की वर्तमान स्थिति और सतत नीतियों की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किए। इस संवाद कार्यक्रम में स्थानीय किसानों ने भी सक्रिय भागीदारी की और जल संकट तथा बढ़ती ऊर्जा लागत से जुड़ी अपनी चुनौतियाँ और अनुभव साझा किए। 

उनकी सहभागिता ने क्षेत्रीय आवश्यकताओं को समझने और पंजाब में जापानी तकनीकों के आधार पर जल-ऊर्जा समाधानों को अपनाने की संभावनाओं का आकलन करने में योगदान दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में स्कूल ऑफ एनवायरनमेंटल एंड अर्थ साइंसेज की डीन प्रो. योगलक्ष्मी ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। 

भूगोल विभाग की अध्यक्षा डॉ. श्रुति कांगा ने इंडो-जापानी ज्ञान-विनिमय के महत्व और जापान की उन्नत जल संरक्षण एवं ऊर्जा-कुशल तकनीकों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. एल. टी. सासांग गुइते ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में भूगोल, भूविज्ञान और पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागों सहित अन्य विभागों के शिक्षकोंऔर छात्रों ने भाग लिया।

 

Tags: Central University of Punjab , CUPB , Bathinda , Prof. Raghvendra P Tiwari , Department of Geography , Indian Council of Social Science Research , ICSSR , Institute for Global Environmental Strategies , IGES

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD