विश्व योग दिवस 2026 अब बस 8 दिन दूर है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस बार के योग दिवस का मुख्य विषय ‘हेल्दी एजिंग के लिए योग’ रखा है। मंत्रालय का कहना है कि स्वस्थ मन और शरीर किसी भी उम्र में बेहतर जीवन जीने का आधार बनाते हैं। इसी क्रम में मंत्रालय ने ‘नी मूवमेंट’ योग अभ्यास के बारे में जानकारी दी है, जो घुटनों और कूल्हों को मजबूत बनाने में बेहद उपयोगी है।
उम्र बढ़ने के साथ घुटनों का दर्द, कूल्हों में अकड़न और शरीर के निचले हिस्से की कमजोरी आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक बैठे रहने वाली जीवनशैली ने इन परेशानियों को और बढ़ा दिया है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, ‘नी मूवमेंट’ (समस्थिति) एक आसान योग व्यायाम है जो घुटनों और कूल्हे के जोड़ों को मजबूत बनाता है।
इससे संतुलन बेहतर होता है और रोजमर्रा की गतिविधियां जैसे चलना, बैठना, खड़े होना और सीढ़ियां चढ़ना आसान हो जाते हैं। नी मूवमेंट का अभ्यास जोड़ों की लचीलापन बढ़ाता है, मांसपेशियों को सक्रिय करता है और जोड़ों में प्राकृतिक चिकनाई बनाए रखता है। नियमित अभ्यास से घुटनों का दर्द कम होता है, अकड़न दूर होती है और चोट का खतरा घटता है।
यह व्यायाम खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो कम शारीरिक गतिविधि करते हैं या लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि घुटनों में दर्द और अस्थिरता अक्सर जोड़ों के कम उपयोग या कमजोरी के संकेत होते हैं। 'नी मूवमेंट' जैसे आसान अभ्यास इन समस्याओं का प्राकृतिक समाधान है। यह व्यायाम बिना किसी उपकरण के घर पर आसानी से किया जा सकता है।
उचित तरीके से करने पर धीरे-धीरे जोड़ों की गति बढ़ती है और शरीर मजबूत होता है। इस अभ्यास को धीरे-धीरे शुरू करें। अगर किसी को तेज दर्द हो तो योग एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। बिना किसी उपकरण के घर पर आसानी से किया जाने वाला यह व्यायाम शरीर की मुद्रा को सुधारता और संतुलन बढ़ाता है।