एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया एवं ब्राह्मण महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद एवं आदमपुर से विधायक रह चुके कुलदीप बिश्नोई से शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर विस्तार से चर्चा की। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने हरियाणा के विकास, सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की।
इस अवसर पर शांडिल्य ने कुलदीप बिश्नोई को भगवान हनुमान व भगवान परशुराम की प्रतिमा देकर व पारंपरिक हरियाणवी पगड़ी देकर सम्मानित किया । इस अवसर पर नवरत्न गर्ग, सुरेन्द्र पाल केके समेत कई गणमान्य मौजूद रहे। मुलाकात के दौरान वीरेश शांडिल्य ने कहा कि कुलदीप बिश्नोई आज हरियाणा की राजनीति में 36 बिरादरी के ऐसे नेता हैं, जिन्होंने अपने व्यवहार, संघर्ष और जनसंपर्क के बल पर समाज के हर वर्ग में सम्मान अर्जित किया है।
उन्होंने कहा कि कुलदीप बिश्नोई अपने पिता एवं हरियाणा के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे चौ. भजन लाल की राजनीतिक विरासत को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। शांडिल्य ने कहा कि चौधरी भजनलाल ने हरियाणा की राजनीति को नई दिशा देने का कार्य किया था और आज कुलदीप बिश्नोई उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के लोगों की आवाज बनकर कार्य कर रहे हैं।
वीरेश शांडिल्य ने कहा कि वर्ष 2014 में हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के पीछे कुलदीप बिश्नोई की राजनीतिक भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि उस समय लिए गए उनके निर्णयों ने प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने का कार्य किया था।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को कुलदीप बिश्नोई जैसे अनुभवी और जनाधार वाले नेता को और अधिक महत्व देकर प्रदेश की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए, जिससे संगठन और अधिक मजबूत हो सके। शांडिल्य ने कहा कि उनका बिश्नोई परिवार से तीन दशक से भी अधिक पुराना आत्मीय संबंध है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में उनके शुरुआती कदम भी चौधरी भजनलाल के मार्गदर्शन में पड़े थे। उन्होंने कहा कुलदीप बिश्नोई मेरे लिए केवल एक नेता नहीं, बल्कि बड़े भाई और परिवार के सदस्य हैं। वह जो भी निर्णय प्रदेश और जनता के हित में लेंगे, मैं उनके साथ मजबूती से खड़ा रहूंगा।
मुलाकात के दौरान कुलदीप बिश्नोई ने वीरेश शांडिल्य का दिल्ली आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि आज देश और समाज को ऐसे राष्ट्रभक्त व्यक्तित्वों की आवश्यकता है, जो बिना किसी भय के राष्ट्रहित के लिए संघर्ष करें। उन्होंने कहा कि वीरेश शांडिल्य पिछले लगभग तीन दशकों से आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी ताकतों के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रहे हैं और उनका यह अभियान सराहनीय है।
कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि जब वह वीरेश शांडिल्य के राष्ट्रहित में किए जा रहे संघर्ष को देखते हैं तो उन्हें शहीद-ए-आज़म भगत सिंह,राजगुरु, सुखदेव की देशभक्ति और त्याग की भावना याद आती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि की भावना के साथ कार्य करने वाले लोगों की संख्या आज कम होती जा रही है, लेकिन वीरेश शांडिल्य निडर होकर देशहित के मुद्दों को उठाते हैं।
कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि उनके पिता चौधरी भजनलाल ने भी आतंकवाद के कठिन दौर में हरियाणा और पंजाब की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए थे। उन्होंने कहा कि आज वीरेश शांडिल्य उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी शक्तियों के खिलाफ जनजागरण अभियान चला रहे हैं, जो काबिल-ए-तारीफ है।कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि आज बहुत कम लोग ऐसे हैं जो किसी दबाव या भय के बिना राष्ट्रहित के मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं।
उन्होंने कहा कि वीरेश शांडिल्य जिस साहस और स्पष्टता के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ते हैं, वह प्रशंसनीय है। बिश्नोई ने कहा वीरेश शांडिल्य की निडरता, बेखौफ व्यक्तित्व और राष्ट्रभक्ति को सलाम करता हूं। ऐसे लोगों के साथ मैं हमेशा खड़ा रहूंगा। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि शांडिल्य परिवार उनके अपने परिवार जैसा है और दोनों परिवारों के बीच वर्षों पुराने आत्मीय संबंध हैं।
उन्होंने कहा कि वह शीघ्र ही अंबाला का दौरा करेंगे और वीरेश शांडिल्य के निवास पर पहुंचकर अंबाला के नागरिकों, सामाजिक संगठनों तथा कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इस अवसर पर वीरेश शांडिल्य ने घोषणा की कि निकट भविष्य में अंबाला में कुलदीप बिश्नोई का भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा को ऐसे अनुभवी, संघर्षशील और सर्वसमाज को साथ लेकर चलने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है और कुलदीप बिश्नोई इस भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने की क्षमता रखते हैं।