चंडीगढ़ में एडवाइजर की जगह मुख्य सचिव नियुक्त करने के केंद्र सरकार के फैसले का कड़ा विरोध करते हुए आम आदमी पार्टी (आप), चंडीगढ़ के सह-प्रभारी और पंजाब जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन डॉ. एसएस आहलूवालिया ने कहा कि इस फैसले से एक बार फिर केंद्र सरकार का जनविरोधी चेहरा उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी जहां भी चुनाव हारती है, वहां सरकारी अधिकारियों द्वारा सिस्टम को हाईजैक कर गलत काम करने की कोशिश करती है।
इसका उदाहरण पिछले दिनों दिल्ली में भी देखने को मिला था, जब लोगों द्वारा चुने गए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की शक्तियां कम कर दी गई थीं और विकास कार्य रोक दिए गए थे। उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी चंडीगढ़ में लोकसभा चुनाव में मिली हार से उबर नहीं रही है और सरकारी अधिकारियों द्वारा गलत काम करने की कोशिश की जा रही है और विकास कार्यों में बाधाएं डाली जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की जनता भाजपा की इन गलत हरकतों को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। डॉ. आहलूवालिया ने कहा कि मुख्य सचिव की नियुक्ति पूरी तरह से राज्य में होती है, चंडीगढ़ पूर्ण राज्य नहीं है और न ही यहां कोई मुख्यमंत्री है।
फिर मुख्य सचिव की नियुक्ति की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और फैसला वापस लेना चाहिए।