बच्चों और वयस्कों के बीच घुड़सवारी के खेल को बढ़ावा देने के लिए, चंडीगढ़ हॉर्स राइडिंग सोसाइटी, मोहाली (वाईपीएस के पास) में आज तीन दिवसीय राष्ट्रीय क्वालीफायर प्रतियोगिता की धमाकेदार शुरुआत हुई।इस कार्यक्रम में बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया, क्योंकि सुहावा (13) ने पहला राष्ट्रीय क्वालीफायर पास किया, जबकि साविया (10) बच्चों की श्रेणी में दूसरे स्थान पर रही।
सोसायटी के महासचिव एडवोकेट जे एस तूर ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल क्वालीफायर में पहले दिन 38 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 34 ने दूसरी बार नेशनल क्वालीफायर पास किया, जो अगले साल फरवरी में होने वाली नेशनल घुड़सवारी चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए अनिवार्य शर्त है। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस के डीआईजी इंद्रवीर सिंह ने भी आज दूसरा नेशनल क्वालीफायर पास किया।
अपनी बेटी सुहावा के पहले नेशनल क्वालीफायर पर खुशी जाहिर करते हुए पूर्व घुड़सवार डॉ. तरुणदीप कौर, आई आर एस ने कहा कि उनके पति रवि भगत, आई ए एस (लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन, मसूरी के तीन बार के सर्वश्रेष्ठ राइडर) और उनका सपना था कि उनकी बेटी भी उनकी तरह घुड़सवारी में अव्वल आए और आज जब उसने 13 साल की उम्र में पहला नेशनल क्वालीफायर पास किया तो उन्हें बेहद खुशी हो रही है।
उन्होंने कहा कि उन दोनों को अपनी बेटी से काफी उम्मीदें हैं, क्योंकि उसने आज की प्रतियोगिता के दौरान दुर्लभ साहस का परिचय दिया। डॉ. तरुणप्रीत ने आगे कहा कि घुड़सवारी करते समय घोड़े को नियंत्रित करने के लिए एकाग्र, दृढ़ और शांत मन जरूरी है। डॉ. तरुणप्रीत ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है कि उसने बहुत ही समझदारी और ईमानदारी से खेल को अपनाया है और खेल भावना से इस खेल को सीखा है।
एडवोकेट जी.एस. तूर ने आगे कहा कि सोहावा ने घुड़सवारी करते हुए आठ जंप पास किए हैं। उन्होंने कहा कि वह सोसायटी की प्रमुख घुड़सवारों में से एक है, जिनसे सी एच आर एस को काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की श्रेणी में करीब 60-70 प्रतिभागी थे, जिन्होंने घुड़सवारी को आगे बढ़ाने के अपने दुर्लभ कौशल का प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि टेंट पेगिंग और अन्य गतिविधियों के लिए तीन दिवसीय राष्ट्रीय क्वालीफायर में उत्तर भारत से प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।