Saturday, 20 July 2024

 

 

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मान सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए पठानकोट की लीची को विदेशों में भेजने की करेगी शुरुआतः चेतन सिंह जौड़ामाजरा

पठानकोट की लीची की सबसे पहली खेप एक्सपोर्ट करने के लिए बाग़बानी और सम्बन्धित विभाग द्वारा तैयारियाँ ज़ोरों पर

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पठानकोट , 20 Jun 2024

मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा राज्य में सबसे बढ़िया गुणवत्ता वाली ज़िला पठानकोट की लीची को विदेशों में भेजने की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और साथ ही भूमिगत जल पर किसानों की निर्भरता को भी घटाया जा सकेगा।

यह ऐलान बाग़बानी मंत्री स. चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने आज सुजानपुर स्थित लीची ज़ोन में मनाए जा रहे राज्य स्तरीय लीची प्रदर्शनी और विचार गोष्ठी के दौरान किया। इस मौके पर उनके साथ खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले और वन एवं वन्य जीव सुरक्षा मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक्क विशेष तौर पर उपस्थित रहे।

स. चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने कहा कि पंजाब में सबसे बढ़िया क्वालिटी की लीची ज़िला पठानकोट में पाई जाती है और पूरे पंजाब में की जा रही लीची की पैदावार में 60 प्रतिशत योगदान ज़िला पठानकोट का है। किसानों को लीची की पैदावार के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से पंजाब सरकार प्रयास करेगी कि ज़िला पठानकोट की लीची विदेश तक पहुँचे और इस कार्य के लिए जल्द ही लीची की खेप विदेश के लिए रवाना की जायेगी।

समारोह के दौरान संबोधन करते हुए स. जौड़ामाजरा ने कहा कि आज भूमिगत जल का स्तर बहुत तेज़ी से नीचे जा रहा है और इससे बचाव का एक ही हल है कि किसानों को धान की फ़सल और गेहूँ की खेती से बाहर निकाल कर बाग़बानी की ओर प्रेरित किया जाये। उन्होंने कहा कि जितने ज़्यादा बाग़ लगाए जाएंगे, उतनी ही तपिश कम होगी और वातावरण में सुधार होगा। 

उन्होंने कहा कि ज़िला पठानकोट लीची की खेती के लिए वरदान है और यहाँ के किसानों को लीची पैदा करके उसकी बिक्री करने पर और ज्यादा लाभ देने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। केबिनेट मंत्री ने कहा कि जल्द ही लीची की पहली खेप विदेश के लिए रवाना की जायेगी जिससे कि ज़िला पठानकोट के किसानों और उत्पादकों को लीची की फ़सल से और अधिक लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि लीची को विदेशों तक पहुँचाने के लिए काफ़ी ख़र्च आने की संभावना है। इस कार्य की शुरुआत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने अपने वेतन में से एक लाख रुपए पठानकोट की लीची को विदेश तक पहुँचाने के लिए योगदान के तौर पर दिए।स. जौड़ामाजरा ने कहा कि पंजाब में करीब 3900 हेक्टेयर क्षेत्रफल लीची के अधीन है जिसमें से लगभग 2200 हेक्टेयर क्षेत्रफल पठानकोट ज़िले में है, जो पंजाब का तकरीबन 60 प्रतिशत बनता है। 

ज़िले में लीची का उत्पादन बड़े स्तर पर किया जा रहा है और हर साल नये बाग़ लग रहे हैं और किसानों को बढ़िया आय हो रही है। लीची की प्लांटेशन और इसकी पैदावार आने वाले समय में और भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि लीची की खेती को बढ़ावा देने के लिए ज़िले में लीची अस्टेट सुजानपुर में स्थापित की गई है जिसमें इलाके के बाग़बानों को एक छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। 

इसके अलावा पठानकोट ज़िले में बाग़बानी क्षेत्र के अधीन छोटे किसानों द्वारा कई सहायक पेशे जैसे मशरूम की खेती और रेशम कीट पालन भी किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के यत्नों से रेशम कीट पालकों को बाग़बानी विभाग की विभिन्न स्कीमों के अधीन हर पक्ष से तकनीकी सहायता और वित्तीय सब्सिडी मुहैया करवाई जा रही है। 

पंजाब सरकार द्वारा किये गए प्रयासों स्वरूप बाग़बानी विभाग द्वारा मौजूदा साल के दौरान बिजली और नहरी विभाग के साथ बाग़ों को निरंतर बिजली और नहरी पानी की सप्लाई संबंधी तालमेल कायम किया गया है जिसके फलस्वरूप बाग़ों में लगातार बिजली की सप्लाई और नहरी पानी प्राप्त हुआ है। इस मौके पर डायरैक्टर बाग़बानी श्रीमती शैलिन्दर कौर ने बाग़बानों को संबोधन करते हुए बताया कि पंजाब सरकार के अन्य नये प्रयासों स्वरूप इस साल से बाग़बानी विभाग द्वारा किसानों की ज़रूरतों को दिखते हुए विभिन्न स्कीमें तैयार करके लागू करवाने के यत्न किये जा रहे हैं जिसमें स्टेट पलान स्कीम के अंतर्गत लीची की पैकिंग के लिए 10 किलो के गत्ते के बॉक्स पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जायेगी, जो एक जिमींदार को अधिक से अधिक 500 बक्सों के लिए दी जायेगी। 

इसी तरह फल-सब्ज़ी उत्पादकों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर प्लास्टिक के करेट दिए जाएंगे। सरकार द्वारा उठाए गए कदमों स्वरूप तीन साल से पुराने पॉली हाऊस स्ट्रक्चर की पॉलीशीट बदलने पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। ड्रिप व्यवस्था के तहत नये बाग़ लगाने वाले किसानों को 10000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि राज्य सरकार द्वारा दी जायेगी। 

फूल बीज पैदावार को उत्साहित करने के लिए 14000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जायेगी। मशरूम की खेती को उत्साहित करने हेतु 50 प्रतिशत सब्सिडी पर वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जायेगी। इसके साथ ही 250 नये शहतूत और ऐरी रेशम उत्पादकों ख़ास कर महिलाओं को रेशम कीट पालन घर, ज़रूरी दवाएँ और तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाई जायेगी। इस मौके पर लीची अस्टेट सुजानपुर में विभिन्न क्षेत्रों में पैदा होने वाली लीची को लाकर लीची प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें दूर-दराज के क्षेत्रों से और ज़िला पठानकोट के बाग़बानों द्वारा लीची की विभिन्न किस्मों को प्रदर्शित किया गया। 

प्रदर्शनी दौरान माहिरों द्वारा बढ़िया किस्म की लीची का चयन करके बाग़बानों का पहला और दूसरा स्थान घोषित किया गया, जिनको केबिनेट मंत्री स. चेतन सिंह जौड़ामाजरा द्वारा सम्मानित किया गया। इसी तरह लीची और रेशम से सम्बन्धित प्रगतिशील किसानों को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा सम्बन्धित प्रदर्शनियाँ लगाई गईं और किसानों को बाग़बानी के पेशे के साथ जुड़ने के लिए जागरूक किया गया।

समारोह के दौरान आदित्य उप्पल डिप्टी कमिश्नर पठानकोट, सुहेल मीर एस.एस.पी. पठानकोट, अमित मंटू हलका इंचार्ज सुजानपुर, डॉ. हरदीप सिंह डिप्टी डायरेक्टर बाग़बानी पठानकोट, जतिन्दर कुमार बाग़बानी विकास अफ़सर, संयुक्त डायरेक्टर बाग़बानी विभाग, डी.जी. सिंह डिप्टी डी.ई.ओ. प्राईमरी और अन्य सम्बन्धित विभागों के ज़िला अधिकारी, बाग़बान, मधुमक्खी पालक आदि उपस्थित थे।

Mann Government to export Pathankot litchis to foreign countries to increase farmers' income, announces Chetan Singh Jouramajra

Preparations in Full swing by Horticulture and allied departments to export first consignment of litchi from Pathankot

Pathankot

Chief Minister S. Bhagwant Singh Mann-led Punjab Government is in full swing to export the best quality litchi of Pathankot district to foreign countries, which will help increase the income of farmers and producers and also reduce the farmers' dependence on groundwater. This announcement was made today by Horticulture Minister S. Chetan Singh Jouramajra while addressing the State Level Litchi Exhibition being held at Litchi Zone Sujanpur. 

He was accompanied by Sh. Lal Chand Kataruchak, Minister of Food, Civil Supplies and Consumer Affairs and Forest & Wildlife Protection. S. Jouramajra said that Pathankot district produces the best quality litchi in Punjab and contributes 60 percent of the state's litchi production. 

"With the aim of raising farmers' awareness about litchi production, the Punjab government will strive to ensure that litchis from Pathankot district reach international markets. For this purpose, the very first consignment of litchi will be exported abroad soon," mentioned the Cabinet Minister.

S. Chetan Singh Jouramajra also noted that underground water levels are declining rapidly and the only solution to prevent this is to encourage farmers to shift from paddy and wheat cultivation to horticulture. He stressed that the more orchards are planted, the less the heat will be, thereby improving the environment. 

He added that Pathankot district is ideal for litchi cultivation and that special efforts are being made to increase the profitability for litchi farmers by enhancing production and sales. The Horticulture Minister announced that the first consignment of litchi will soon be exported, enabling farmers and producers in the Pathankot district to earn higher profits from the litchi crops.

He mentioned that exporting litchi to foreign countries is likely to incur significant costs. To support this initiative, the Cabinet Minister contributed Rs.1 lakh from his salary to facilitate the export of Pathankot's litchi. S. Jouramajra informed that approximately 3,900 hectares in Punjab are dedicated to litchi cultivation with about 2,200 hectares located in the Pathankot district, accounting for around 60 percent of Punjab's total litchi cultivation. 

Litchi farming is expanding in the district, with new orchards being planted every year, providing farmers with substantial income. He added that the plantation and production of litchi are expected to increase further in the future. He also said that to promote litchi cultivation, a Litchi Estate has already been established at Sujanpur in the Pathankot district, where all necessary facilities are provided under one roof to the gardeners of the region. 

Besides this, many small farmers in Pathankot district are engaged in other subsidiary occupations such as mushroom cultivation and silkworm rearing under the horticulture sector. He said that the Punjab government is providing technical assistance and financial subsidies to silkworm rearers under various schemes of the horticulture department.

During the current year, the horticulture department has coordinated with the electricity and canal departments to ensure the continuous supply of electricity and canal water to the orchards. Director Horticulture Mrs. Shailender Kaur said that efforts are being made to prepare and implement various schemes of the Horticulture Department as per the needs of the farmers. 

She informed that 50 percent subsidy is being provided on 10 kg cardboard boxes for packing litchis, up to a maximum of 500 boxes per farmer. Besides this, fruit and vegetable producers will be given a 50 percent subsidy for plastic crates. She stated that a 50 percent subsidy is being provided for replacing the poly sheet of poly house structures that are more than three years old. 

Similarly, the state government will give an incentive amount of Rs.10,000 per acre to farmers who plant new gardens using drip systems. Financial assistance at the rate of Rs.14,000 per acre are given to promote flower seed production. Financial assistance, with a 50 percent subsidy, is also provided to promote mushroom cultivation.

On this occasion, the litchi exhibition was organized at the Litchi Estate Sujanpur, where various varieties of litchi were displayed of distant areas and the district of Pathankot. During the exhibition, the best litchi varieties were selected by experts, and the first and second ranked producers were awarded by Cabinet Minister S. Chetan Singh Jouramajra. Similarly, progressive farmers involved in litchi and silk production were also honoured.

ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਆਮਦਨ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਪਠਾਨਕੋਟ ਦੀ ਲੀਚੀ ਨੂੰ ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਭੇਜਣ ਦੀ ਕਰੇਗੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ : ਚੇਤਨ ਸਿੰਘ ਜੌੜਾਮਾਜਰਾ 

ਪਠਾਨਕੋਟ ਦੀ ਲੀਚੀ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲੀ ਖੇਪ ਐਕਸਪੋਰਟ ਕਰਨ ਲਈ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਤੇ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ਜ਼ੋਰਾਂ 'ਤੇ

ਪਠਾਨਕੋਟ

ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸ. ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਾਲੀ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਗੁਣਵੱਤਾ ਵਾਲੀ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਦੀ ਲੀਚੀ ਨੂੰ ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਭੇਜਣ ਦੀਆਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ਜ਼ੋਰਾਂ 'ਤੇ ਹਨ। ਇਸ ਨਾਲ ਕਾਸ਼ਤਕਾਰਾਂ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਆਮਦਨ ਵਧਾਉਣ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਮਿਲੇਗੀ ਅਤੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਧਰਤੀ ਹੇਠਲੇ ਪਾਣੀ 'ਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਨਿਰਭਰਤਾ ਨੂੰ ਵੀ ਘਟਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇਗਾ।

ਇਹ ਐਲਾਨ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਮੰਤਰੀ ਸ. ਚੇਤਨ ਸਿੰਘ ਜੌੜਾਮਾਜਰਾ ਨੇ ਅੱਜ ਸੁਜਾਨਪੁਰ ਸਥਿਤ ਲੀਚੀ ਜ਼ੋਨ ਵਿਖੇ ਮਨਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਰਾਜ ਪੱਧਰੀ ਲੀਚੀ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨੀ ਅਤੇ ਵਿਚਾਰ ਗੋਸ਼ਟੀ ਦੌਰਾਨ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਖ਼ੁਰਾਕ, ਸਿਵਲ ਸਪਲਾਈ ਅਤੇ ਖਪਤਕਾਰ ਮਾਮਲੇ ਅਤੇ ਜੰਗਲਾਤ ਤੇ ਜੰਗਲੀ ਜੀਵ ਸੁਰੱਖਿਆ ਮੰਤਰੀ ਸ੍ਰੀ ਲਾਲ ਚੰਦ ਕਟਾਰੂਚੱਕ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ 'ਤੇ ਹਾਜ਼ਰ ਰਹੇ।

ਸ. ਚੇਤਨ ਸਿੰਘ ਜੌੜਾਮਾਜਰਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਕੁਆਲਿਟੀ ਦੀ ਲੀਚੀ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਵਿੱਚ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਲੀਚੀ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿੱਚ 60 ਫ਼ੀਸਦੀ ਯੋਗਦਾਨ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਦਾ ਹੈ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਲੀਚੀ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ ਜਾਗਰੂਕ ਕਰਨ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਉਪਰਾਲਾ ਕਰੇਗੀ ਕਿ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਦੀ ਲੀਚੀ ਵਿਦੇਸ਼ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚੇ ਅਤੇ ਇਸ ਕਾਰਜ ਲਈ ਛੇਤੀ ਹੀ ਲੀਚੀ ਦੀ ਖੇਪ ਵਿਦੇਸ਼ ਲਈ ਰਵਾਨਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ।

ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਸ. ਜੌੜਾਮਾਜਰਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅੱਜ ਧਰਤੀ ਹੇਠਲਾ ਪਾਣੀ ਬਹੁਤ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਹੇਠਾਂ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਦਾ ਇੱਕ ਹੀ ਹੱਲ ਹੈ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਝੋਨਾ ਅਤੇ ਕਣਕ ਦੀ ਖੇਤੀ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਕੱਢ ਕੇ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਵੱਲ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿੰਨੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਬਾਗ਼ ਲਗਾਏ ਜਾਣਗੇ, ਉਨੀ ਹੀ ਤਪਸ਼ ਘੱਟ ਹੋਵੇਗੀ ਅਤੇ ਵਾਤਾਵਰਣ ਵਿੱਚ ਸੁਧਾਰ ਹੋਵੇਗਾ। 

ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਲੀਚੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਵਰਦਾਨ ਹੈ ਅਤੇ ਇੱਥੋਂ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਲੀਚੀ ਪੈਦਾ ਕਰਕੇ ਉਸ ਦੀ ਵਿਕਰੀ ਕਰਨ 'ਤੇ ਵਧੇਰੇ ਲਾਭ ਦੇਣ ਲਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਉਪਰਾਲੇ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਛੇਤੀ ਹੀ ਲੀਚੀ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਖੇਪ ਵਿਦੇਸ਼ ਲਈ ਰਵਾਨਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਤਾਂ ਜੋ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਅਤੇ ਉਤਪਾਦਕਾਂ ਨੂੰ ਲੀਚੀ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਤੋਂ ਹੋਰ ਮੁਨਾਫ਼ਾ ਮਿਲ ਸਕੇ।

ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੀਚੀ ਨੂੰ ਵਿਦੇਸ਼ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਖ਼ਰਚ ਆਉਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ। ਇਸ ਕਾਰਜ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਦਿਆਂ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਆਪਣੀ ਤਨਖ਼ਾਹ ਵਿੱਚੋਂ ਇੱਕ ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਪਠਾਨਕੋਟ ਦੀ ਲੀਚੀ ਨੂੰ ਵਿਦੇਸ਼ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਲਈ ਯੋਗਦਾਨ ਵਜੋਂ ਦਿੱਤੇ। ਸ. ਜੌੜਾਮਾਜਰਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਅੰਦਰ ਕਰੀਬ 3900 ਹੈਕਟੇਅਰ ਰਕਬਾ ਲੀਚੀ ਅਧੀਨ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚੋਂ ਲਗਭਗ 2200 ਹੈਕਟੇਅਰ ਰਕਬਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਹੈ, ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਤਕਰੀਬਨ 60 ਫ਼ੀਸਦੀ ਬਣਦਾ ਹੈ। 

ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਲੀਚੀ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਵੱਡੀ ਪੱਧਰ 'ਤੇ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਹਰ ਸਾਲ ਨਵੇਂ ਬਾਗ਼ ਲੱਗ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਵਧੀਆ ਆਮਦਨ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ। ਲੀਚੀ ਦੀ ਪਲਾਂਟੇਸ਼ਨ ਅਤੇ ਪੈਦਾਵਾਰ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਅਧੀਨ ਹੋਰ ਵੀ ਵਧੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੀਚੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨ ਲਈ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਲੀਚੀ ਅਸਟੇਟ ਸੁਜਾਨਪੁਰ ਵਿਖੇ ਸਥਾਪਿਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਬਾਗ਼ਬਾਨਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਛੱਤ ਹੇਠ ਸਾਰੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਉਪਲੱਬਧ ਕਰਵਾਈ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। 

ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਖੇਤਰ ਅਧੀਨ ਛੋਟੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕਈ ਸਹਾਇਕ ਕਿੱਤੇ ਜਿਵੇਂ ਖੁੰਬ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਅਤੇ ਰੇਸ਼ਮ ਕੀਟ ਪਾਲਣ ਵੀ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਯਤਨਾਂ ਨਾਲ ਰੇਸ਼ਮ ਕੀਟ ਪਾਲਕਾਂ ਨੂੰ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਵਿਭਾਗ ਦੀਆਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸਕੀਮਾਂ ਅਧੀਨ ਹਰ ਪੱਖੋਂ ਤਕਨੀਕੀ ਸਹਾਇਤਾ ਅਤੇ ਵਿੱਤੀ ਸਬਸਿਡੀ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। 

ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਕੀਤੇ ਗਏ ਉਪਰਾਲਿਆਂ ਸਦਕਾ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਮੌਜੂਦਾ ਸਾਲ ਦੌਰਾਨ ਬਿਜਲੀ ਅਤੇ ਨਹਿਰੀ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਬਾਗ਼ਾਂ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਬਿਜਲੀ ਅਤੇ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਲਾਈ ਸਬੰਧੀ ਰਾਬਤਾ ਕਾਇਮ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਜਿਸ ਦੇ ਫਲਸਰੂਪ ਬਾਗ਼ਬਾਨਾਂ ਦੇ ਬਾਗ਼ਾਂ ਵਿਚ ਲਗਾਤਾਰ ਬਿਜਲੀ ਸਪਲਾਈ ਅਤੇ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋਇਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਸ੍ਰੀਮਤੀ ਸ਼ੈਲਿੰਦਰ ਕੌਰ ਨੇ ਬਾਗ਼ਬਾਨਾਂ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਹੋਰ ਨਵੇਂ ਉਪਰਾਲਿਆਂ ਸਦਕਾ ਇਸ ਸਾਲ ਤੋਂ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਵਿਭਾਗ ਵਲੋਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸਕੀਮਾਂ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਲਾਗੂ ਕਰਵਾਉਣ ਦੇ ਯਤਨ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਸਟੇਟ ਪਲਾਨ ਸਕੀਮ ਤਹਿਤ ਲੀਚੀ ਦੀ ਪੈਕਿੰਗ ਲਈ 10 ਕਿਲੋ ਦੇ ਗੱਤੇ ਦੇ ਬਕਸੇ 'ਤੇ 50 ਫ਼ੀਸਦੀ ਉਪਦਾਨ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ, ਜੋ ਇੱਕ ਜ਼ਿਮੀਂਦਾਰ ਨੂੰ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ 500 ਬਕਸਿਆਂ ਲਈ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। 

ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਫਲ-ਸਬਜ਼ੀ ਉਤਪਾਦਕਾਂ ਨੂੰ 50 ਫ਼ੀਸਦੀ ਸਬਸਿਡੀ 'ਤੇ ਪਲਾਸਟਿਕ ਕਰੇਟ ਦਿੱਤੇ ਜਾਣਗੇ। ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਕੀਤੇ ਉਪਰਾਲਿਆਂ ਸਦਕਾ ਤਿੰਨ ਸਾਲ ਤੋਂ ਪੁਰਾਣੇ ਪੌਲੀ ਹਾਊਸ ਸਟਰਕਚਰ ਦੀ ਪੌਲੀਸ਼ੀਟ ਬਦਲਣ 'ਤੇ 50 ਫ਼ੀਸਦੀ ਉਪਦਾਨ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਡਰਿਪ ਸਿਸਟਮ 'ਤੇ ਨਵੇਂ ਬਾਗ਼ ਲਗਾਉਣ ਵਾਲੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ 10000 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਰਾਸ਼ੀ ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। 

ਫੁੱਲ ਬੀਜ ਪੈਦਾਵਾਰ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨ ਲਈ 14000 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਿੱਤੀ ਸਹਾਇਤਾ ਉਪਲਬਧ ਕਰਵਾਈ ਜਾਵੇਗੀ। ਖੁੰਬਾਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨ ਹਿੱਤ 50 ਫ਼ੀਸਦੀ ਸਬਸਿਡੀ 'ਤੇ ਵਿੱਤੀ ਸਹਾਇਤਾ ਉਪਲਬਧ ਕਰਵਾਈ ਜਾਵੇਗੀ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ 250 ਨਵੇਂ ਮਲਬਰੀ ਅਤੇ ਏਰੀ ਰੇਸ਼ਮ ਉਤਪਾਦਕਾਂ ਖਾਸ ਕਰਕੇ ਔਰਤਾਂ ਨੂੰ ਰੇਸ਼ਮ ਕੀਟ ਪਾਲਣ ਘਰ, ਲੋੜੀਂਦੀਆਂ ਦਵਾਈਆਂ ਅਤੇ ਤਕਨੀਕੀ ਸਹਾਇਤਾ ਉਪਲਬਧ ਕਰਵਾਈ ਜਾਵੇਗੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਲੀਚੀ ਅਸਟੇਟ ਸੁਜਾਨਪੁਰ ਵਿਖੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਪੈਦਾ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਲੀਚੀ ਨੂੰ ਲਿਆ ਕੇ ਲੀਚੀ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨੀ ਲਗਾਈ ਗਈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਦੂਰ-ਦੁਰਾਡੇ ਖੇਤਰਾਂ ਤੋਂ ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਦੇ ਬਾਗ਼ਬਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਲੀਚੀ ਦੀਆਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਕਿਸਮਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। 

ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨੀ ਦੌਰਾਨ ਮਾਹਿਰਾਂ ਵਲੋਂ ਵਧੀਆ ਕਿਸਮ ਦੀ ਲੀਚੀ ਦੀ ਚੋਣ ਕਰਕੇ ਬਾਗ਼ਬਾਨਾਂ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਅਤੇ ਦੂਜਾ ਸਥਾਨ ਐਲਾਨਿਆ ਗਿਆ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਸ. ਚੇਤਨ ਸਿੰਘ ਜੌੜਾਮਾਜਰਾ ਵਲੋਂ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਲੀਚੀ ਅਤੇ ਰੇਸ਼ਮ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਅਗਾਂਹਵਧੂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਵਿਭਾਗਾਂ ਵਲੋਂ ਸਬੰਧਤ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨੀਆਂ ਲਗਾਈਆਂ ਗਈਆਂ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਕਿੱਤੇ ਨਾਲ ਜੁੜਨ ਲਈ ਜਾਗਰੂਕ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।

ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਆਦਿੱਤਿਆ ਉੱਪਲ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸਨਰ ਪਠਾਨਕੋਟ, ਸੁਹੇਲ ਮੀਰ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਪਠਾਨਕੋਟ, ਅਮਿਤ ਮੰਟੂ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਸੁਜਾਨਪੁਰ, ਡਾ. ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਪਠਾਨਕੋਟ, ਜਤਿੰਦਰ ਕੁਮਾਰ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਵਿਕਾਸ ਅਫ਼ਸਰ, ਸੰਯੁਕਤ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਵਿਭਾਗ, ਡੀ.ਜੀ. ਸਿੰਘ ਡਿਪਟੀ ਡੀ.ਈ.ਓ. ਪ੍ਰਾਇਮਰੀ ਅਤੇ ਹੋਰ ਵੱਖ ਵੱਖ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਅਧਿਕਾਰੀ, ਬਾਗ਼ਬਾਨ, ਮੱਧੂ ਮੱਖੀ ਪਾਲਕ ਆਦਿ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ।

 

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