गुलजार दादा साहिब फाल्के अवार्ड से सम्मानित
तिवारी की उपस्थिति में राष्ट्रपति ने गुलजार को दिया सर्वोच्च पुरस्कार
61वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के अवसर पर प्रख्यात कवि और फिल्मकार गुलजार के साथ केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी, लुधियाना कांग्रेस अध्यक्ष पवन दीवान, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुरमेल पहलवान, चंद्रमुखी शर्मा।
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5 दरिया न्यूज
लुधियाना/नई दिल्ली , 04 May 2014
Last updated on: May 04, 2014, 00:00 IST
हिन्दी सिनेमा के जगत में दशकों तक अपनी कला का शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रख्यात कवि और फिल्मकार गुलजार को फिल्मों के सर्वोच्च पुरस्कार दादा साहब फाल्के अवार्ड से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित 61वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अवसर पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने गुलजार को यह सम्मान भेंट किया। जहां उनके केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी भी मौजूद रहे।यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा के विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है। परंपरा के अनुसार गुलजार को स्वर्ण कमल और दस लाख रुपये पुरस्कार राशि भेंट की गई। इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाले गुलजार 45वें व्यक्ति हैं। 1934 में पंजाब में जन्मे गुलजार (संपूर्ण सिंह कालरा) ने अपने करियर की शुरुआत 1956 में विमल रॉय की फिल्म 'बंदिनीÓ से एक गीतकार के तौर पर की थी। राष्ट्रपति ने उन्हें इस सम्मान के लिए बधाई दी। राष्ट्रपति ने कहा कि सिनेमा अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम होने के अलावा युवाओं को समझाने और प्रभावित करने का जरिया भी है। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद गुलजार ने आभार प्रगट करते हुए कहा कि जिन्दगी में कम मुकाम आते हैं जब एक लेखक के पास शब्दों की कमी पड़ जाए। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों का आभार प्रकट करते हैं जिनकी बदौलत आज यहां पहुंचे हैं। इस अवसर लुधियाना कांग्रेस शहरी के प्रधान पवन दीवान, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुरमेल ङ्क्षसह पहलवान, चंद्रमुखी शर्मा, गुरदीप ङ्क्षसह सहित अन्यों ने भी गुलजार को बधाई दी।