उपराज्यपाल मनोज सिन्हा श्रीनगर में ‘मेरी माटी, मेरा देश‘ कार्यक्रम में शामिल हुए। छात्र, आम आदमी, पंचायतों, ब्लॉकों, शहरी स्थानीय निकायों के मिट्टी मित्र मातृभूमि की मिट्टी को श्रद्धांजलि देने के लिए एक साथ आए। उपराज्यपाल ने स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों को श्रद्धांजलि दी और छात्रों, पीआरआई सदस्यों और लोगों को पंच प्रण की शपथ दिलाई। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों, उनके परिवार के सदस्यों से भी बातचीत की और उनका आशीर्वाद लिया।
उपराज्यपाल ने कहा “मैं हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और नायकों के बलिदान के प्रति श्रद्धा से अपना सिर झुकाता हूं जिन्होंने मातृभूमि के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उनकी शहादत की यादें हमारे दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी और हमें प्रेरित करती रहेंगी।”
उपराज्यपाल ने कहा कि पूरे केंद्र शासित प्रदेश में पंच प्रण प्रतिज्ञा, वसुधा वंदन, वीरों का वंदन और अमृत कलश यात्रा मातृभूमि के प्रति हमारे संकल्प, हमारी भावना और समर्पण को दर्शाती है।
उन्होंने युवाओं से बहादुर दिलों की वीरता और साहस से प्रेरणा लेने और महान नेताओं के योग्य उत्तराधिकारी बनने का प्रयास करने का आह्वान किया। उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर की पवित्र भूमि की मिट्टी जल्द ही अमृत कलश में राष्ट्रीय राजधानी तक पहुंचेगी। यह हमारे बहादुरों के बलिदान का प्रतीक है, जम्मू-कश्मीर के लोगों के नए सपनों, नई आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। वसुधा वंधन कार्यक्रम हमें प्रकृति के प्रति हमारे कर्तव्य की याद दिलाता है।
उन्होंने कहा कि हर गांव में 75 पौधे लगाने और ‘अमृत वाटिका‘ विकसित करने का अभियान सतत विकास के प्रयासों के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का एक अवसर है। इस बात पर जोर देते हुए कि पूरा देश, पूरी दुनिया एक परिवार है, उपराज्यपाल ने कहा कि समाज में शांति और समृद्धि हमारा सामान्य लक्ष्य होना चाहिए। ‘‘आइए हम खुद को महात्मा गांधी, सरदार पटेल, लोकमान्य तिलक जैसे महान व्यक्तित्वों के आदर्शों के प्रति समर्पित करें और समाज के व्यापक हित के लिए काम करें।‘‘
उन्होंने कहा कि चल रहे ‘मेरी माटी मेरा देश‘ अभियान के एक भाग के रूप में, मां भारती के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि के रूप में जम्मू-कश्मीर के हर गांव में शिला-फलकाम स्थापित किया जाएगा। उपराज्यपाल ने पीआरआई सदस्यों से बड़ी संख्या में छात्रों, युवाओं और स्थानीय निवासियों को इस अभियान से जोड़ने का आग्रह किया।
उपराज्यपाल ने कहा कि माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में, यूटी प्रशासन उन महान हस्तियों, शहीदों और महान आत्माओं की यादों का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर यूटी के शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य के निर्माण हेतु अपना जीवन समर्पित कर दिया है। उपराज्यपाल ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत श्रीनगर में बनी मानव श्रृंखला का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए छात्रों, लोगों और जिला प्रशासन को भी बधाई दी।
आज के कार्यक्रम में 15,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर मेयर एसएमसी जुनैद अजीम मट्टू,, मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता, नागरिक और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, स्वतंत्रता सेनानी, उनके परिवार, पीआरआई सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।