समग्र कृषि विकास कार्यक्रम पर तीन दिवसीय यूटी स्तर का प्रशिक्षण यहां कन्वेंशन सेंटर में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन 6 जनवरी 2023 को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया था।उल्लेखनीय है कि प्रशासनिक परिषद ने केंद्रशासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में कृषि और संबद्ध क्षेत्र के समग्र विकास हेतु यूटी स्तर की शीर्ष समिति द्वारा अनुशंसित 29 परियोजना प्रस्तावों के कार्यान्वयन हेतु प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
तीन दिवसीय इवेंट कन्वेंशन सेंटर जम्मू के दौरान अध्यक्ष, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के तकनीकी कार्य समूह के सदस्यों द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं। स्काॅस्ट-के और स्काॅस्ट-जे के वैज्ञानिकों और बागवानी, रेशम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, पशुपालन, भेड़पालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन आदि सहित कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
तीन दिवसीय आयोजन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कृषि उत्पादन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के तहत इन 29 परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन की तैयारी करना है।एसीएस ने अधिकारियों के बीच क्षमता निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने संबद्ध विभागों के अधिकारियों से समन्वय से काम करने को कहा ताकि विभिन्न परियोजनाओं के तहत वांछित परिणाम हासिल किए जा सकें। अटल डुल्लू ने कहा कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान हितधारकों के लिए विभिन्न परियोजनाओं का सार प्रस्तुत किया गया ताकि वे कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए इन 29 अनुमोदित परियोजनाओं के तहत किए गए हस्तक्षेपों को समझ सकें।
एसीएस ने प्रतिभागियों से कहा कि वे इन सभी 29 स्वीकृत परियोजनाओं के विवरण देखें और उनके सफल कार्यान्वयन में योगदान दें। उन्होंने कहा कि इसी तरह के उन्मुखीकरण कार्यक्रम जम्मू और श्रीनगर में मंडल स्तर पर आयोजित किए जाएंगे और इन 29 स्वीकृत परियोजनाओं में से प्रत्येक पर संबंधित संसाधन व्यक्तियों को पहले चरण में जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि अगले चरण में ब्लॉक, जिला स्तर पर इन 29 परियोजनाओं के तहत केंद्र शासित प्रदेश के किसानों को दिए जाने वाले लाभ के संबंध में जागरूकता होगी।
इस कार्यक्रम में उपकुलपति स्कास्ट-जे, उपकुलपति स्कास्ट-के, सचिव कृषि उत्पादन विभाग, विशेष सचिव बागवानी, निदेशक कृषि जम्मू, निदेशक कृषि कश्मीर, निदेशक भेड़पालन, निदेशक बागवानी, निदेशक मत्स्य, एमडी जेकेएजीआरओएस, एमडी, जेकेएचपीएमसी और एमओडी, स्काॅस्ट-के और स्कास्ट-जे के वैज्ञानिक और कृषि एवं संबद्ध विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।