Sunday, 03 March 2024

 

 

खास खबरें कैबिनेट मंत्री ब्रम शंकर जिंपा ने गांव बजवाड़ा व किला बरुन में सीवरेज सिस्टम प्रोजेक्ट की करवाई शुरुआत स्थानीय निकाय विभाग और संसदीय मामलों के कैबिनेट मंत्री बलकार सिंह द्वारा धर्मकोट के नये बस स्टैंड का उद्घाटन भगवंत सिंह मान और अरविन्द केजरीवाल द्वारा पंजाब में 165 और आम आदमी क्लीनिक लोगों को समर्पित मुख्यमंत्री की नौजवानों से अपील : पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय हिस्सेदार बनने के लिए नये विचारों और खोजों का प्रयोग करें हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के कृष्णानगर में 15,000 करोड़ रुपये की विविध विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया अमित शाह ने नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NUCFDC) का उद्घाटन किया कैबिनेट मंत्री ब्रम शंकर जिंपा ने गांव बजवाड़ा व किला बरुन में सीवरेज सिस्टम प्रोजेक्ट की करवाई शुरुआत आईवीवाई ग्रुप ने ओबेसिटी हेल्पलाइन नंबर लॉन्च किया क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर ने किया "जिगरबाज खेल महासंग्राम" का पोस्टर लॉन्च आर्टिकल 370 ने कई लोगों को प्रेरित किया : यामी गौतम मेरे लिए किरदार से प्यार करना ज़रूरी है- राशि खन्ना त्रिदेव और पंच परमेश्वर सम्मेलन में बोले नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ब्रम शंकर जिम्पा द्वारा होशियारपुर और साथ लगते कंडी क्षेत्रों के गाँवों को नहरी पानी प्रोजैक्ट मुहैया करवाने की हिदायत मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा में दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि भेंट पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय में 'नए युग के विश्वविद्यालयों का विचार' विषय पर स्थापना दिवस व्याख्यान का आयोजन हिमाचल प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल ने की मुख्यमंत्री से भेंट भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से कल्याणकारी योजनाओं पर व्यय किए जाएंगे 143.16 करोड़ रुपयेः मुख्यमंत्री विधानसभा में कांग्रेस का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण : हरसुखिंदर सिंह बब्बी बादल बादल परिवार सरकारी सुविधाओं का आदतन लाभार्थी : मलविंदर सिंह कंग समाज के साधन संपन्न और हाशीए पर धकेले वर्गों के बीच वाला फ़र्क मिटाने के लिए पंजाब सरकार पूरी तरह वचनबद्ध : राज्यपाल

 

केदारनाथ त्रासदी के 9 साल बाद बना धाम का प्रवेश द्वार, अब घंटी बजाकर एंट्री लेंगे भक्त

Religious, Rudraprayag, Kedarnath, Kedarnath Dham
Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

रुद्रप्रयाग , 30 Jul 2022

केदारनाथ आपदा के नौ साल बाद केदारनाथ मंदिर के प्रवेश द्वार का निर्माण हो गया है। अब भक्त द्वार पर लगी घंटी को बजाकर मंदिर परिसर में दाखिल हो सकेंगे। 16-17 जून 2013 की आपदा में विश्वविख्यात केदारनाथ मंदिर के प्रांगण में बना प्रवेश द्वार ध्वस्त हो गया था। बदरी-केदार मंदिर समिति ने तीर्थ पुरोहितों और भक्तों की मांग पर द्वार का निर्माण कराने के साथ ही घंटी को लगवाया है। 

पुरोहित कर रहे थे मांग :

आपदा से पहले केदारनाथ मंदिर के पास प्रवेश द्वार और गेट पर बड़ी सी घंटी लगी थी। लेकिन, आपदा के बाद यह निर्माण कार्य नहीं हो सका था। ऐसे में तीर्थ पुरोहितों की ओर से बार-बार गेट निर्माण करने के साथ ही घंटा लगाने की मांग की जा रही थी। ऐसे में बदरी-केदार मंदिर समिति ने तीर्थ पुरोहितों और भक्तों की मांग पर द्वार का निर्माण कराने के साथ ही घंटी को लगवाया है।

उत्तराखंड के केदारनाथ में आई भयानक आपदा को 9 साल हो गए हैं। साल 2013 में 16 और 17 जून को आई इस आपदा में कम से कम 6000 लोग मारे गए। तब कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और फिर चौराबाड़ी झील के फटने से राज्य का यह हिस्सा तहस नहस हो गया था। अमूमन सौम्य दिखने वाली मंदाकिनी रौद्र रूप में आ गई। 

साल 2013 में केदारनाथ धाम में आई विनाशकारी आपदा में लापता हुए लोगों का दर्द आज भी उनके परिजनों के चेहरों पर साफ दिखाई पड़ता है। हालांकि, आपदा के नौ साल गुजर गए हैं, लेकिन इस प्रलयकारी आपदा के जख्म आपदा की बरसी पर फिर से ताजे होते चले जाते हैं। इस भीषण आपदा में अब भी 3,183 लोगों का कोई पता नहीं चल सका है।

16 और 17 जून 2013 की भीषण आपदा में बड़ी संख्या में यात्री और स्थानीय लोग इस आपदा की चपेट में आ गए थे। आज तक इन लोगों का पता नहीं लग पाया है। केदारघाटी के अनेक गांवों के साथ ही देश-विदेश से आए तीर्थयात्रियों ने आपदा में जान गंवाई। सरकारी आंकड़ों को देखें तो पुलिस के पास आपदा के बाद कुल 1840 एफआईआर दर्ज हुईं। 

बाद में पुलिस ने सही तफ्तीश करते हुए 1256 एफआईआर को वैध मानते हुए कार्रवाई की। पुलिस के पास 3,886 गुमशुदगी दर्ज हुई। जिसमें से विभिन्न सर्च अभियानों में 703 कंकाल बरामद किए गए।

बड़े पत्थर ने बाबा के मंदिर को किया था सुरक्षित:

कहा जाता है मंदिर के ठीक पीछे ऊपर से बहकर आए एक बड़े पत्थर ने बाबा के मंदिर को सुरक्षित कर दिया था। आज उस पत्थर को भीम शिला के नाम से जाना जाता है। इस प्रलय में 2241 होटल, धर्मशाला एवं अन्य भवन पूरी तरह ध्वस्त हो गए थे। पुलिसकर्मियों ने अपनी जान पर खेलकर करीब 30 हजार लोगों को बचाया था। यात्रा मार्ग एवं केदारघाटी में फंसे 90 हजार से अधिक लोगों को सेना की ओर से सुरक्षित बचाया गया।

 

Tags: Religious , Rudraprayag , Kedarnath , Kedarnath Dham

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2024 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD