डिप्टी कमिश्नर श्री संदीप हंस ने कहा कि जमीनों को बंजर होने से बचाने के लिए जमींदोज पानी की संभाल बहुत जरुरी है और यदि यह संभाल न की गई तो यह मानवता के लिए खतरनाक साबित होगा। वे आज खेती भवन में फसलों के अवशेषों को आग लगाए बिना बिजाई करने वाले 20 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करने के लिए रखे समागम दौरान संबोधन कर रहे थे। श्री संदीप हंस ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने हवा, पानी व धरती को सबसे उच्च दर्जा दिया है व अब गुरु साहिब के सिद्धांतों पर चलने का समय आ गया है ताकि वातावरण की शुद्धता बरकरार रखी जा सके। उन्होंने पानी के गिर रहे स्तर पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि किसान जमींदोज पानी को बचाने के लिए आधुनिक खेती ढंगों को अपनाएं व धान की सीधी बिजाई को प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा कि सीधी बिजाई के लिए डी.एस.आर. ड्रिल(धान की सीधी बिजाई करने वाली मशीन) का प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस विधि से पानी की बचत होने के साथ-साथ झाड़ भी बढ़ता है व जमीन की उपजाऊ शक्ति भी बरकरार रहती है। डिप्टी कमिश्नर ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन को प्रगतिशील सोच वाले किसानों पर गर्व है। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान को कोई समस्या आती है तो वे उनके ध्यान में लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को पंजाब सरकार की ओर से 1500 रुपए प्रति एकड़ दिए जाएंगे, इस लिए किसान इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने जिले के बाकी किसानों को भी गेहूं के नाड़ को आग लगाए बिना धान की सीधी बिजाई करने की अपील की।
बटाला के नजदीकी गांव में नाड़ को लगाई आग के दौरान हादसाग्रस्त हुई स्कूली बस संबंधी घटना पर चिंता प्रकट करते हुए श्री संदीप हंस ने किसानों को अपील की कि यदि बच्चों की चिंता है तो तुरंत नाड़ को आग लगाने वाली प्रैक्ट्सि बंद की जाए। उन्होंने कहा कि फसलों के अवशेषों को आग लगाने से पैसे तो जरुर बचाए जा सकते हैं, परंतु आने वाले समय में जमीन बंजर बन जाएगी व इसका खामियाजा पूरी मानवता को भुगतना पड़ेगा। समागम दौरान मुख्य कृषि अधिकारी डा. सतनाम सिंह, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के कृषि वैज्ञानिक डा. तरुनदीप कौर, डिप्टी डायरेक्टर के.वी.के डा. मनिंदर सिंह ने भी संबोधित करते हुए किसानों को अहम जानकारी दी। इस मौके पर कृषि अधिकारी दपिंदर सिंह, जसवीर सिंह, हरमनदीप सिंह, दीपक पुरी व कृषि विकास अधिकारी जतिन, धर्मवीर व गगनदीप कौर के अलावा सैंकड़ों किसान भी मौजूद थे।