पूर्व मुख्यमंत्री व अमृतसर से कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपने व्यक्तिगत फायदों के लिए हमेशा से पंजाबियों की भावनाओं का शोषण किया है। इनकी व्यक्तिगत लालच पंजाब की अर्थव्यवस्था व विकास को नीचे ले जा रही है, जबकि बादलों की संपत्ति कई गुणा बढ़ती जा रही है। अटारी विधानसभा क्षेत्र के गांवों सुकराचक्क व विशंबरपुरा में जनसभाओं को संबोधित करते हुए कैप्टन अमरिन्दर ने लोगों को बादल से पंजाब के प्रति उनके योगदान बारे पूछने की अपील की है। इन्होंने अपनी पार्टी के वरिष्ठ साथियों व नेताओं को भी नहीं बख्शा व सियासत के पहले दिन से बादल ने उनको समर्थन देने वालों के साथ बेइमानी, धोखा करने व उनकी पीठ पर छूरा मारने का काम किया है। वास्तव में वह अपने परिवार से बाहर किसी को देख नहीं सकते।
कैप्टन अमरिन्दर ने किसानों को बादल के शासन की अपने 2002 से 2007 के मध्य कार्यकाल के साथ तुलना करते हुए खुद फैसला करने को कहा है कि कौन उनके लिए अच्छा है। उन्होंने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे, किसानों के ट्यूबवैलों को रेगुलर 8 घंटे बिजली की सप्लाई मिलती थी व उनकी फसलों की 24 घंटों में ढुलाई हो जाती थी। जबकि अकाली शासन के दौरान किसानों को पेश आ रही परेशानियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को दो घंटे भी बिजली की सप्लाई नहीं मिल रही व अपनी फसलें बेचने को वे मंडियों में लंबा समय इंतजार करते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री बिक्रम मजीठिया को चेतावनी देते हुए उनको धक्केशाही करने से हट जाने को कहा। कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि ज्यादा समय नही रह गया, जब वह कानून के शिकंजे में होंगे और उनको अपने गुनाहों का अंजाम भुगतना होगा। बहुत हो गया, आपको और अत्याचार नहीं करने दिया जाएगा।कैप्टन अमरिन्दर ने नशाखोरी व खासकर बार्डर इलाकों में इसके प्रभाव पर ङ्क्षचता प्रगट की। उन्होंने कहा कि नशाखोरी को भी बिक्रम मजीठिया जैसे अकालियों की शह प्राप्त है, जिनका नाम बर्खास्त डी.एस.पी व नशा तस्कर जगदीश भोला से जुड़ी चार्जशीट में लिया गया है।
लोगों से उन्हें वोट देने की अपील करते हुए कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि वह अपना फैसला सावधानी से लें और ध्यान रखें कि कौन आपके साथ खड़ा हो सकता है, आपकी मुश्किलों को समझ सकता है, जो आपके मध्य रहा है, न कि वह जो सिर्फ चुनावों के लिए दिल्ली से पैराशूट से उतरा है।इस अवसर पर अन्यों के अलावा तरसेम डी.सी., गुरजीत ओजला आदि भी मौजूद रहे।