स्वर्णिम विजय मशाल छीना बिधि चंद पहुँची
Web Admin
5 Dariya News
फ़िरोज़पुर , 24 Feb 2021
Last updated on: Feb 24, 2021, 00:00 IST
स्वर्णिम विजय मशाल 4 से 24 फरवरी तक रही फ़िरोज़पुर में। पूरे भारत में केवल कुछ शहरों को स्वर्णिम विजय मशाल की मेजबानी का सम्मान हांसिल होगा।24 फरवरी 2021 को गोल्डन ऐरो डिवीज़न में युद्धक्षेत्र से अपनी यात्रा के अंतिम चरण में स्वर्णिम विजय मशाल छीना बिधि चंद गाँव में पहुँची। यह गांव लगभग अमृतसर के 37 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में स्थित हैं । इस गांव ने 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान एक बड़ी लड़ाई देखी थी। हमारे बहादुर सैनिकों ने भारी बमबारी के बीच सभी बाधाओं को दूर किया और पाकिस्तानी सेना का मुकाबला किया। इस युद्ध में वज्र योद्धाओं को उनके बहादुर और वीरतापूर्ण कार्य के लिए 2 वीर चक्र और 2 सेना पदक (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया था।युद्ध के दिग्गजों, वीर नारियों और उनके परिवारों को सम्मानित करके भारतीय सेना द्वारा ऐतिहासिक जीत की सराहना की गई। स्वर्णिम विजय मशाल को सबसे वरिष्ठ युद्ध के दिग्गज आनरेरी कप्तान तरलोक सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा छीना बिधि चंद युद्ध के मैदान में प्रतीकात्मक अंतिम चरण के लिए ले जाया गया । समारोह के दौरान वरिष्ठ नागरिक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। शहीदों को सम्मानित करने के लिए एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। गोल्डन ऐरो डिवीज़न ने स्वर्णिम विजय मशाल और सभी युद्ध नायकों को श्रद्धा अर्पित करने के बाद स्वर्णिम विजय मशाल को वज्र कोर की पैंथर डिवीजन को आगे की यात्रा के लिए सौंप दिया गया।