उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने जम्मू विश्वविद्यालय और श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (एसएमवीडीयू) के पोस्ट-लॉकडाउन हेतु अकादमिक गतिविधियों के पुनरुद्धार के रोडमैप की समीक्षा एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा की।विडियो कांफ्रैन्सिंग में श्री बिपुल पाठक, लेफ्टिनेंट गवर्नर के प्रिंसिपल सचिव उपराज्यपाल (व्यक्तिगत रूप से) जम्मू विश्वविद्यालयय के उपकुलपति प्रो, मनोज कुमार धर, उपकुलपति, श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय, प्रो, डॉ. रविंद्र कुमार सिन्हा, और दोनों विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार शामिल थे।उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालयों की पोस्ट-लॉकडाउन तैयारियों पर उप-कुलपतियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी और उन्हें विश्वविद्यालयों में परीक्षा के संचालन हेतु एक मजबूत तंत्र को स्थापित करने एवं शैक्षणिक गतिविधियों, भर्तियों आदि को बहाल करने हेतु व्यापक योजना बनाये जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में विश्वविद्यालयों के रूप में ऑनलाइन कक्षाओं के लिए बुनियादी सुविधाओं में ई-लर्निंग की बढोतरी में जोर दिया जा रहा है।उपराज्यपाल ने छात्रों के लिए शिक्षा उपलब्ध करवाये जाने से पहले विश्वविद्यालयों के परिसर और छात्रावासों के नियमित रूप से धूमन और स्वच्छता के लिए उप-कुलपति को निर्देश दिये। अतिरिक्त विश्वविद्यालयों में सामाजिक मानदंडों का सख्ती से पालन करने को कहा।
उपराज्यपाल ने जम्मू विश्वविद्यालय के उपकुलपति को ऑफ-साइट परिसरों की अवसंरचनात्मक, स्टाफिंग और अन्य आवश्यकताओं हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा ताकि आवश्यकता अनुसार उपलब्ध करवाया जा सके। अतिरिक्त भर्ती नियमों को पदोन्नत करने एवं भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिये।इस अवसर पर उप-कुलपतियों ने उपराज्यपाल को एमएचआरडी के अनुसार पुराने छात्रों के लिए शैक्षणिक सत्र 1 अगस्त से फिर से खुलेगा जबकि नए प्रवेश के लिए कक्षाएं 1 सितंबर से शुरू की जाएंगी। भर्तियों और रिक्तियों पर, जम्मू विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए, विश्वविद्यालय के पास कुल स्वीकृत संख्या 1828 है, जिसमें से 190 खाली पड़े हैं। इन पदों को जल्द ही विज्ञापित किया जाएगा। अतिरिकत शिक्षण स्टाफ हेतु , कुल स्वीकृत शक्ति 167 रिक्त पदों के साथ 415 है, जिसमें से 145 पदों पर पहले ही विज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन कोविड 19 महामारी के कारण इस प्रक्रिया में देरी हुई है। उन्होंने कहा कि यूजीसी द्वारा दिये गये के दिशानिर्देशों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।