मुख्य न्यायाधीश ने किशोर न्याय अधिनियम 2015 के कार्यान्वयन पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम का उद्घाटन किया
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जम्मू , 12 Oct 2019
Last updated on: Oct 12, 2019, 00:00 IST
जम्मू व कश्मीर उच्च न्यायालय कीं मुख्य न्यायधीश गीता मित्तल ने आज कन्वेंशन सेंटर में भारत के सुप्रीम कोर्ट की किशोर न्याय समिति के मार्गदर्शन में और युनिसेफ द्वारा समर्थित जम्मू व कश्मीर उच्च न्यायालय की किशोर न्याय समिति द्वारा आयोजित ‘किशोर न्याय अधिनियम 2015 के कार्यान्वयन‘ पर दो दिवसीय उन्मुखीकरण और परामर्श कार्यक्रम का उद्घाटन किया।अपने उद्घाटन संबोधन के दौरान, मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने किशोर न्याय पर समग्र दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया और प्रत्येक हितधारक को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि हर बच्चे के अधिकारों की पूरी रक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम कानून के साथ संघर्ष में बच्चों को एक अनुकूल और स्वस्थ वातावरण प्रदान करें।जम्मू व कश्मीर उच्च न्यायालय की किशोर न्याय समिति के सदस्य जस्टिस संजीव कुमार ने मुख्य सम्बोधन प्रस्तुत किया।इस अवसर पर निदेशक, शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी, उधमपुर, डॉ. एसडी सिंह और महानिदेशक महिला एवं बाल विकास जम्मू-कश्मीर मीर तारिक अली ने भी बात की।अन्य लोगों के बीच, चयन सह निरीक्षण समिति के सदस्य राजीव खजुरिया, रजिस्ट्रार जनरल जम्मू व कश्मीर उच्च न्यायालय संजय धर के अलावा जम्मू के किशोर न्याय बोर्डों के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट और सदस्य, बाल कल्याण समितियों के सदस्य इस अवसर पर उपस्थित थे।