बाढ़ प्रबंधन योजना को प्रभावशाली तरीके से लागू करते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित गांव में लोगों को जल-जनित बीमारियों व मच्छचों से होने वाले इंफेक्शन से बचाने के लिए फॉगिंग शुरू करवा दी है।डिप्टी कमिश्नर चंद्र गैंद ने बताया कि सबसे पहले ये मुहिम बाढ़ से ज्यादा प्रभावित हुए गांव निहाला लवेरा, मुट्ठियां वाला, धीरा घारा, लालूवान में शुरू की गई है ताकि यहां लोगों को मच्छरों की वजह से होने वाली इंफेक्शन से बचाया जा सके। फॉगिंग के लिए पोर्टेबल मशीनों का इस्तेमाल किया गया है, जहां पानी ज्यादा है, वहां मोटर बोट के जरिए फॉगिंग करवाई जा रही है। फॉगिंग मुकम्मल करने के लिए दस स्पेशल टीमों को तैनात किया गया है, जोकि इस काम में जुटी हुई है।डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि गांव में डायरिया, बुखार, गले और स्किन इंफेक्शन के कई केस आ रहे हैं, जहां मरीजों को मेडीकल कैंप में जांच के बाद दवाईयां वितरित की जा रही हैं। इन समस्याओं को मद्देनजर बाढ़ प्रभावित गांव में फॉगिंग की जरूरत महसूस की गई और दस टीमें गठित करके फॉगिंग शुरू करवाई गई।उन्होंने बताया कि फॉगिंग के अलावा सेहत विभाग की तरफ से मेडीकल कैंप लगातार लगाए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी तादाद में मरीजों को चैक किया गया है और मौके पर दवाईयां दी गई हैं। श्री गैंद ने कहा कि जिला प्रशासन संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों की मदद के लिए उनके साथ खड़ा है और किसी भी चीज की कमी नहीं आने दी जाएगी।उन्होंने सभी अधिकारियों को पोस्ट फ्लड एक्शन प्लान को प्रभावशाली तरीक से लागू करने के निर्देश दिए और कहा कि इस काम में कोई भी कसर नहीं छोड़ी जाए। अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी जारी किए और इस कार्य में ज्यादा से ज्यादा मैन पावर का इस्तेमाल करने के लिए कहा ताकि हालात जल्द से जल्द सामान्य किए जा सकें।