1984 के सिक्ख कत्लेआम के मामले में सीनियर कांग्रेसी नेता सज्जण कुमार को अदालत ने आरोपी करार दिए जाने का आम आदमी पार्टी ने स्वागत किया है। सोमवार को चण्डीगढ़ में पत्रकारों को संबोधन करते विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भले ही यह फैसला बहुत समय के बाद आया है परंतु इस फैसले से पीडित परिवारों को राहत मिली है। 'आप' नेता और सीनियर वकील एच.एस फूलका द्वारा पीडित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए किए यत्नों की तारीफ करते चीमा ने कहा कि उनके द्वारा 34 साल की मेहनत का नतीजा है कि सज्जण कुमार को सजा हुई है। चीमा ने कहा कि कि न्याय का सफर बहुत लम्बा था और 7 कमीशन बनने के बाद भी कातिलों पर कार्यवाही में 34 साल का समय लग गया। उन्होंने कहा कि यदि 1984 के कातिलों को पहले ही सजा दी जातीं तो इसके बाद देश में अन्य ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।
उन्होंने मांग की है कि देश में राज नेताओं के साथ सम्बन्धित मामलों का निपटारा जल्द किया जाना चाहिए जिससे वह राजनैतिक पनाह लेकर भी न बच सकें। दंगों के लिए जिम्मेदार लोगों को राजनैतिक सरप्रस्ती देने के लिए कांग्रेस और बीजेपी की आलोचना करते चीमा ने कहा कि मामले में नाम आने के बाद भी उनको सुरक्षा प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि इन दंगों के लिए जिम्मेदार अन्य कांग्रेसी और बीजेपी नेताओं पर कार्यवाही करते उनको भी सजाएं दी जानी चाहीऐ हैं। कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद द्वारा इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के ब्यान की निंदा करते चीमा ने कहा कि हैरानी की बात है कि सज्जण कुमार और अन्य कांग्रेसी नेताओं को पार्टी से बाहर करने की बजाए कांग्रेस उनका अभी भी बचाव कर रही है। इस मौके लीगल विंग के प्रधान जसतेज अरोड़ा, स्टेट खजांची सुखविन्दर सुक्खी, प्रवक्ता गोविन्दर मित्तल और मोहाली जिला यूथ प्रधान हरमल हुन्दल भी मौजूद थे।