बादल परिवार की ओर से व अकाली दल के नेताओं समेत श्री दरबार साहिब जा कर सेवा कर भूलों पर माफी मांगने को आम आदमी पार्टी के संगरूर से संसद मैंबर भगवंत मान ने अब तक का सबसे बड़ा राजनैतिक नाटक करार दिया है। चण्डीगढ़ से जारी बयान में मान ने कहा कि श्री गुरू साहिब सब के भूल के क्षमावान हैं परंतु बादलों द्वारा जानबुझ कर किए गए पापों की माफी हरगिज़ नहीं हो सकती। मान ने कहा कि बादलों ने अपने राजनैतिक जीवन और खास कर पिछले 10 वर्षों के राज दौरान पंजाब के लोगों को लूटा और पीटा है और अब आपना राजनैतिक जमीन खिसकता देख ड्रामे कर रहे हैं। बादलों से पूछते मान ने कहा कि वह पंजाब के लोगों को बताएं कि वह कौन-कौन सी भूलों की माफी मांग रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या बादल अब मानते हैं कि वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी, किसानों की आत्म हत्या, राज्य के स्रोतों पर कब्जा आदि कार्यों के लिए जिम्मेदार हैं। मान ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल बहुत ही शातिर राजनैतिक हैं और हमेशा लोगों का ध्यान भटकाने के लिए धर्म का सहारा लेते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बादलों की काली करतूतों से पंजाब का बच्चा-बच्चा अवगत है और अब वह लोगों को ओर मूर्ख नहीं बना सकते।
उन्होंने कहा कि बादलों की झूठी माफी के ड्रामे से बहबल कलां में शहीद हुए सिंह, नशे से मरे नौजवान और कर्जे के चलते आत्म हत्या कर चुके किसान वापिस नहीं आने वाले और अच्छा यह ही होगा कि वह अब राजनीति छोड़ चुप-चाप अपने घर बैठ जाएं।सिक्ख धर्म और पंजाब का नुक्सान करने के लिए बादलों को जिम्मेदार बताते मान ने कहा कि इतना नुक्सान तो अहमद शाह अब्दाली नहीं कर सका जितना प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल ने राज्य के स्रोतों, बसों, ढाबों आदि पर कब्जा कर के लोगों को आत्म हत्या करने के लिए मजबूर किया है। सुखबीर सिंह बादल द्वारा अमृतसर रेल हादसे के दौरान मारे गए लोगों को मुआवजा देने की मांग पर मान ने कहा कि सुखबीर खुद बताएं कि उन्होंने अपने कार्यकाल दौरान कितने लोगों को मुआवजे दिए थे इस लिए वह इस घटना पर राजनैतिक रोटियां सेकने से बाज आएं।पंजाब के लोगों को बादल से सुचेत रहने की सलाह देते मान ने कहा कि बादल अब सत्ता के जाने के चलते मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि बादल राजनीति छोड़ कर घर बैठ जाएं तो यह पंजाब के लोगों के लिए सही सिद्ध होगा।