सीखने की जिद्द हो तो मंजिल दूर नहीं होती। कुछ यही जज्बा गांव देहरीवाल व गांव बैंच बाजा की लड़कियों में था, जिन्होंने काम के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाए बल्कि स्वयं आत्म निर्भर हो कर अपने व अपने परिवार का गुजारा कर रही है और गर्व व स्वाभिमान के साथ के बाकि महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का कार्य कर रही है। इन लड़कियों केहौंसलों को पंख दिए गांव बसी जलाल के रुरल स्किल सैंटर ने, जहां इन्होंने उड़ान भरनी सीखी और आज यह लड़कियां आत्म निर्भर होकर सरकार के नारी सशक्ति करण के वायदे को सार्थक कर रही हैं।डिप्टी कमिश्ररईशा कालिया ने प्रशंसा करते हुए कहा कि बाकी लड़कियों को भी इन उत्साहित लड़कियों से सीख लेनी चाहिए और आत्म निर्भर बनने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने मां-बाप को अपील की कि लड़कियों को अधिक से अधिक मौके प्रदान किए जाएं, क्योंकि मौका मिलने पर लड़कियां सिद्ध कर सकती हैं, कि वे किसी से कम नहीं। उन्होंने कहा कि होशियारपुर में एक मल्टी स्किल डेवलेपमेंट सैंटर चल रहा है, जबकि बसी जलाल सहित नंदाचौर, भंगाला, हंदवाल व संसारपुर में रु रल स्किल डेवलेपमेंट सैंटर नौजवानों को अलग-अलग व्यवसायिक कोर्स का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
उन्होंने नौजवानों को इन सैंटरों का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील भी की। गांव देहरीवाल की मंदीप कौर, सर्वजीत कौर व तारो देवी ने फैशल बुटिक व गांव बैंच बाजा की किरणदीप कौर व प्रभजोत कौर ने किरण बुटिक खोलकर स्व रोजगार की ओर कदम बढ़ाया है। यह लड़कियां आज हजारों रु पये कमा रही है। रुरल स्किल सैंटर बसी जलाल से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनको सैंटर की ट्रेनर दलजीत कौर व सैंटर इंचार्ज परमिंदरजीत कौर ने आत्म निर्भर होने के लिए प्रेरित किया। वे इस काम में उनकी सहायता करने के लिए उनके मां-बाप को भी घर जाकर मिले और लड़कियों की तरक्की के लिए समझाया। नतीजा सबसे सामने है, अब यह लड़कियां अपने काम से संतुष्ट हैं और अन्य लड़कियों को भी सैंटर में दाखिल होने के लिए प्रेरित कर रही हैं।मंदीप कौर, सर्वजीत कौर, तारो देवी, किरणदीप कौर व प्रभोजत कौर ने बताया कि वे परिवार की आर्थिकता में अपना योगदान डालना चाहती थी और इस दौरान उन्हें रु रल स्किल सैंटर का पता चला और वहां से उन्हें ट्रेनिंग ली। उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग सेंटर से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनके जीवन की दिशा ही बदल गई है और उन्हें खुशी है कि वे अपने साथ-साथ अन्य लड़कियों को भी प्रशिक्षण दे रही हैं।