जिस पाकिस्तान के आर्मी चीफ जरनल परवेज मुशर्रफ अपने देश की आवाम,अपने देश की सरजमीन से धोखा कर बन्दूक के दम पर पाकिस्तान का राष्ट्रपति बन सकता है भला वह भारत का दोस्त कैसे बन सकता है इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बस से दोस्ती का पैगाम लेकर गए लेकिन पाक के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत की पीठ पर छुरा घोपते हुए कारगिल में आतंकी घुसपैठ कर भारतीय सेना के जवानों को शहीद किया ऐसे पाकिस्तान पर पुन: विश्वास कर भारत अपने पांव पर कुल्हाड़ी मारेगा उपरोक्त शब्द एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री हिन्दू तख़्त के राष्ट्रीय प्रचारक वीरेश शांडिल्य ने फ्रंट कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहे। उन्होंने कहा की भारत की सवा सौ करोड़ जनता व भारत की सरकार यह भूल गई है की जब मोदी नवाज शरीफ की सालगिरह पर गए तो बदले में देश पर उडी हमला करवाया और अब पाकिस्तान के नवनियुक्त प्रधानमंत्री इमरान खान ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के कहने से करतारपुर साहिब कोरीडोर खोलने का फैंसला लिया जो एक गहरी साजिश है और इसके लिए भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह व पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह व आईबी प्रमुख व एनआईए प्रमुख को सीधे तौर पर इसके ऊपर गंभीर चिन्तन करना होगा। शांडिल्य ने कहा की यदि इमरान खान वास्तव में भारत से दोस्ती चाहता है तो उसे उन आतंकियों को भारत के हवाले करना होगा जिसकी सूची भारत ने पाकिस्तान को सौंपी हुई है। एटीएफआई प्रमुख शांडिल्य ने कहा की इमरान खान पहले 26/11 मुंबई बम धमाकों के मास्टरमाइंड व लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद,कंधार हवाई जहाज हाईजैक के मास्टरमाइंड मौलाना मसूद अजहर,सलाऊद्दीन,दाऊद इब्राहीम सहित तमाम आतंकियों को भारत को सौंपकर अपना विश्वास कायम करें।
शांडिल्य ने कहा पाक आस्तीन का सांप है और रहेगा और वहां की आईएसआई व मदरसों में बच्चो को हमेशा आतंक बारे शिक्षा दी जाती है और भारत का वजूद खत्म करने की शिक्षा दी जाती है। शांडिल्य ने कहा पाकिस्तान पर सवाल खड़े करते हुए कहा की श्री करतारपुर साहिब कोरीडोर खोलना पाकिस्तान की भारत के खिलाफ और खालिस्तान का नीवं रखने की कोई नई साजिश का हिस्सा तो नहीं है इसकी जांच आईबी व एनआईए करें। साथ ही शांडिल्य ने कहा की यदि इमरान खान वास्तव में सिद्धू के कहने से करतारपुर साहिब का मार्ग खोल रहे है तो उसके साथ ही पहली पातशाई श्री गुरुनानक देव जी की जन्मस्थली ननकाना साहिब को भी भारत को सौंपे क्योंकि गुरुनानक देव जी ने विश्व शान्ति व विश्व भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा की करतारपुर साहिब मार्ग खोलने से पूर्व बब्बर खालसा के प्रमुख वधावा सिंह बब्बर जो पकिस्तान में बैठा उसे भारत के हवाले करें और किसी कीमत पर भी युके की तरह करतारपुर साहिब गुरुद्वारा में खालिस्तानियों को एकत्रित होने की इजाजत न दी जाए और करतारपुर मार्ग खुलने से पूर्व देश के तमाम राजनितिक पार्टियों,विपक्षी पार्टियों सहित आईबी,देश के पुलिस महानिर्देशकों,एनआईए प्रमुख की एक संयुक्त बैठक बुलाई जाये क्योंकि जो पाकिस्तान वाजपेयी,इंदिरा,मोदी को धोखा दे सकता है तो उसके लिए नवजोत सिंह सिद्धू क्या है। इस मौके पर कुलवंत सिंह मानकपुर,लखविन्द्र सिंह साधापुर,संजीव सेठ,दीपक शांडिल्य,सुरेश शर्मा,जसमीत जस्सी,आकाश गुप्ता आदि मौजूद थे। शांडिल्य ने कहा जब तक in तमाम मुद्दों पर स्वीकृति नहीं बनती तब तक देशहित में करतारपुर मार्ग खुलने ना दिया जाए ताकि देश में पाकिस्तान व खालिस्तान आतंकी घुसपैठ न कर सकें।