स्मार्ट राशन कार्ड योजना के लाभार्थियों को अनाज वितरण की प्रक्रिया 100 प्रतिशत पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शुरु की गई ई-पोस मशीन प्रणाली के अंतर्गत जिला होशियारपुर में आज उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पंजाब सुंदर शाम अरोड़ा ने की। पहले ही दिन ई पोस मशीन के माध्यम से करीब 120 क्वि ंटल गेहूं का वितरण किया गया। जिला होशियारपुर में इसके अंतर्गत आने वाले दिनों में कुल 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं का वितरण किया जाएगा। अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार लोगों को मिशन तंदुरु स्त पंजाब मुहिम के अंतर्गत मानक आहार मुहैया करवाने के लिए वचनबद्ध है बहादुरपुर होशियारपुर में स्मार्ट राशन कार्ड योजना के अंतर्गत राशन वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने कहा कि कहा कि बायोमैट्रिक आधारित यह मशीन राशन वितरण की पुरानी प्रणाली के बीच की कमियों व अयोग्य लाभार्थियों को हटाने में सहायक सिद्ध होगी। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता का दौर शुरु हुआ है। उन्होंने कहा कि जिले में स्मार्ट कार्ड धारकों की गिनती 1 लाख 98 हजार है, जिनके आगे 7 लाख 14 हजार 700 सदस्य बनते हैं। उन्होंने बताया कि लाभार्थी परिवारों को पंजाब सरकार की ओर से पांच किलो प्रति व्यक्ति के हिसाब से गेहूं 2 रु पये किलो के हिसाब से राशन डिपो के माध्यम से बांटा जाएगा। इसी तरह 8 हजार अंत्योदय कार्ड धारकों जिनके 28 हजार 900 सदस्य है को प्रति कार्ड 35 किलो प्रति माह अनाज 2 रु पये किलो के हिसाब से राशन डिपो के माध्यम से बांटा जाएगा। उन्होंने बताया कि होशियापुर विधान सभा क्षेत्र के 22 हजार स्मार्ट राशन कार्ड धारकों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
श्री अरोड़ा ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के क्षेत्र में स्मार्ट राशन कार्ड स्कीम के अंतर्गत ई-पोस मशीनों के माध्यम से राशन वितरण एक क्रांतिकारी कदम है। सरकार योग्य लाभार्थी को सरकारी स्कीमों का लाभ देने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के क्षेत्र में उठाए गए कदमों के कारण इस प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और हर एक योग्य लाभार्थी को सस्ता राशन मिलना यकीनी बनाया जा सकेगा। श्री अरोड़ा ने कहा कि जिले में कुल 720 डिपो के माध्यम से लाभार्थियों को अप्रैल 2018 से सितंबर तक छह माह का अनाज ई-पोस मशीनों के माध्यम से बांटा जाएगा। जिले को इस स्कीम के अंतर्गत कुल 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं वितरण के लिए सरकार की ओर से मुहैया करवाया गया है। श्री अरोड़ा ने कहा कि ई-पोस मशीनों के माध्यम से गेहूं वितरण से बहुत पारदर्शिता बढ़ी है क्योंकि इस मशीन से लाभार्थी की अंगुलियों के निशान व आंखों की पुतलियों पर आधारित बायोमैट्रिक पहचान से असली लाभार्थी की पहचान हो जाती है। इसी अनुसार लाभार्थीन परिवार को बनता राशन मौके पर ही रसीद सहित मुहैया करवा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस मशीन की यह भी खासियत है कि इसके द्वारा लाभार्थी खुद या उसके परिवार के सदस्य लाभ ले सकते हैं। इस तरह कोई और व्यक्ति सही लाभार्थी के हिस्से का अनाज नहीं ले सकता। इस मौके पर डी. एफ.एस. ओ श्री हरचंद सिंह, इंस्पेक्टर श्री कुलजीत सिंह के अलावा अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।