बठिंडा जिले में से नशे को जड से खत्म करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह तत्पर हो गया है। नशों की बुराई को समाप्त करने के लिए प्रशासन और पुलिस एक साथ करते हुए न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही दवाओं की दुकानें बंद करवाई जाएंगी बल्कि चोरी छिपे नशा बेचने के धंधे को भी खत्म कर दिया जायेगा।डिप्टी कमिशनर बठिंडा दीपरवा लाकरा और जिला पुलिस प्रमुख नवीन सिंगला ने इस बात का दिखावा जिलो में नशों को खत्म करन के लिए बुलाई गई जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन आधिकारियों की विशेष बैठक को संबोधन करते हुए किया। उन्होने कहा कि ड्रग इंस्पै1टरों और थाना मुखियों की टीमें गठित की गई जो कोई कि अपनी, गाँव स्तरीय कार्यावाई से स6बन्धित रिपोर्ट हर -रोज डी.सी. द3तर में जमा करवायेंगे। तंदुरुस्त पंजाब मिशन के अंतर्गत पंजाब सरकार की तरफ से नशे को खत्म करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और इस कडी के अंतर्गत ही यह कार्यवाई की जा रही है।इस के अतिरि1त सीमा क्षेत्रों में पडते गाँवों में विशेष चौकसी इस्तेमाल की जायेगी। उन्होने तस्करों पर खास नजर रखी जायेगी जो शाम के बाद हरियाणा या राजस्थान से ला कर नशा जिलो में बेचते हैं। इस लिए सभी पुलिस अफसरों को हिदायत दी गई है कि वह शाम ३ बजे के बाद अपने कार्यालय में न बैठने बल्कि फील्ड में जायें और लोगों में नशों के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के लिए प्रेरित करें ।इसी तरह सरकार की तरफ से सेवा मुक्त फौजियों को खुशहाली के रक्षक के तौर पर नियुक्त किया गया है। यह खुशहाली के रक्षक सरकार और ज़मीनी स्तर पर चल रही सरगर्मियों की अहम कड़ी हैं। इस समय पर जिले में ७७ सेवा मुक्त फौजी ख़ुशहाली के रक्षक के तौर पर काम कर रहे हैं और इन की सेवाओं भी इस काम में अहम योगदान डालेंगे। प्रशासन और पुलिस आधिकारियों द्वारा नेहरू युवा केंद्र और युवा सेवाओं विभाग की तरफ से बनाऐ गए 1लबों के नौजवानों को भी इस काम में शामिल करने के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। नेहरू युवा केंद्र की तरफ से जि़लो में १६० 1लब चलाए जा रहे हैं और इन में नशों के खिलाफ जागरूकता स6बन्धित गतिविधियों का विवरण भी हर रोज़ डी.सी. कार्यालय में जमा करवाना आवश्यक होगा । इस बैठक में अतिरि1त डिप्टी कमिशनर बठिंडा श्रीमती साक्षी साहनी, उप मैजिस्ट्रेट बठिंडा श्री बलविन्दर सिंह, उप मंडल मैजिस्ट्रेट श्री सुभाष खटक, सहायक कमिशनर शिकायतें श्री बबनदीप सिंह, एस.पी. ट्रैफि़क श्री गुरमीत सिंह, एस.पी. सीटी श्री गुरमीत सिंह और अलग-अलग विभागों के प्रमुख उपस्थित थे।