श्रीनगर हवाई अड्डे पर जल्द ही नाईट लैंडिंग सुविधा होगी जिसके लिए संबंधित एजेंसियों द्वारा सभी तैयारियां की जा रही हैं। आज यहां मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इसकी जानकारी दी गई। इस सुविधा से पर्यटन क्षेत्र को विशेष रूप से देश के अन्य क्षेत्रों के साथ कनेक्टिविटी में सुधार के अलावा और राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार करने में भी मदद करेगा। बैठक में सूचित किया गया कि नागर विमानन महानिदेशालय ने रात की उड़ानों के संचालन के लिए आवश्यक अनुमति दी है और इस संबंध में आवश्यक बुनियादी ढांचागत उन्नयन भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण और अन्य राज्य एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने एक महीने के भीतर इन सभी उन्नयनों को पूरा करने का निर्देश दिया ताकि कश्मीर घाटी में पर्यटक मौसम के मद्देनजर सुविधा को शुरू किया जा सके। उन्होंने तुरंत रु। यात्रियों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए हवाई अड्डे पर रात के लिए सहायक आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाने के खर्चों को पूरा करने के लिए 3.86 करोड़ रुपये जारी करने के निर्देश दिए। महबूबा मुफ्ती ने संबंधित एजेंसियों को हुमहामा से श्रीनगर हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क पर यातायात की भीड़ को कम करने के उपायों को लेने के निर्देश दिए। उन्होंने गेट पर अधिक बॉडी स्कैनर लगाने, टर्मिनल बिल्डिंग तक गेट से एंट्री रोड की चौड़ाई और हवाईअड्डे के अंदर यात्रियों को लेने के लिए बसों का उपयोग करने के सुझावों की तलाश करने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री ने जम्मू हवाई अड्डे के विस्तार पर काम की गति की भी समीक्षा की और रनवे के विस्तार पर कार्यों की शुरुआती शुरुआत का निर्देश दिया जिसके लिए निविदाएं चल रही हैं। उन्होंने जल्द ही रनवे विस्तार पर काम शुरू करने के लिए भूमि के आदान-प्रदान की औपचारिकताओं को दूर करने के लिए विभागीय आयुक्त, जम्मू और जम्मू हवाईअड्डा प्राधिकरणों को निर्देशित किया। बैठक में बताया गया था कि बेलिचराना में भूमि के बदले पशुपालन विभाग के निपटारे में 375 कनाल भूमि रखी गई है और बाकी जमीन उन्हें चट्ठा में प्रदान की जाएगी। महबूबा मुफ्ती ने जम्मू हवाईअड्डा के अधिकारियों और मंडल प्रशासन को भी निर्देश दिया कि, जम्मू हवाई अड्डे पर 5 बजे से अधिक लैंडिंग घंटों का विस्तार और इस संबंध में आवश्यक उपाय करें। मुख्यमंत्री ने जम्मू में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए जम्मू मंडल प्रशासन को स्पॉट की पहचान करने का भी निर्देश दिया। बैठक में मुख्य सचिव बी बी व्यास, डीजीपी डॉ एस पी वैद, वित्तीय आयुक्त आवास एवं शहरी विकास के बी अग्रवाल, संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिव, कश्मीर तथा जम्मू के मंडलायुक्त, भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण के प्रतिनिधि, मंडल और जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।