मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रशासनिक सचिवों तथा विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि जन प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विभिन्न मामलों को गंभीरता से लें तथा उनके बहुमूल्य सुझावों पर विचार करें। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट समय पर तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री आज यहां वर्ष 2014-15 की वार्षिक योजनाओं के लिए कांगड़ा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चम्बा, हमीरपुर, ऊना तथा कुल्लू जिलों के विधायक की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने के लिए आयोजित बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के मामले पर सही समय पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि वन स्वीकृति मामलों को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों को बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध करवना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़कों के निरन्तर रख-रखाव सुनिश्चित बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि डमटाल- कंदौरोड़ी-इंदौरा सड़क की मुरम्मत व रख-रखाव किया जाएगा ताकि क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था में कोई कठिनाई न आए।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण योजना से संबंधित विधायकों की राय ली जानी चाहिए ताकि लोगों की मांगों को प्राथमिकताओं में शामिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे उद्योगों में स्थानीय लोगों को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्रदान किए जाने चाहिए।श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों का बिना किसी राजनीति भेदभाव से तीव्र व संतुलित विकास सुनिश्चित बना रही है। विधायकों की प्राथमिकताओं में सड़क, सिंचाई एवं पेयजल को विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और बेहतर सेवाएं सुनिश्चित बनाने के लिए रेंजरों, उप-रेंजरों और वन रक्षकों तथा पुलिस विभाग में तैनात आरक्षियों की तैनाती उनके गृह क्षेत्र में नहीं की जानी चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस अपना कर प्रदेश के लोगों को प्रभावी व पारदर्शी व स्वच्छ प्रशासन उपलब्ध करवाने के प्रति वचनबद्ध है। राज्य सरकार ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल में बेहतर ढंग से कार्य किया है और प्रदेश स्टेट ऑफ स्टेटस कॉनक्लेव-2013 में स्वास्थ्य व निवेश के क्षेत्र में बड़े राज्यों की श्रेणी में श्रेष्ठ राज्य चुना गया है।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि बंदरों की समस्या से निपटने के लिए बहुद्देशीय नीति बनाकर कार्य किया जाना चाहिए और जंगलों फलदार पौधे लगाए जाने चाहिएं ताकि बंदरों को वहीं भोजन प्राप्त हो सके।उन्होंने विभिन्न विभागों मे बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया ताकि लोगों को सुविधाएं मिलने में देरी न हो। उन्होंने कहा कि सड़क, सीमा निर्धारण और जल समस्याओं जैसे अन्तर्राज्जीय मसलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाना चाहिए ताकि लोगों को परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अन्य राज्यों के अपने समकक्ष अधिकारियों और भारत सरकार के साथ विचार विर्मश करें ताकि इन मसलों को सुलझाया जा सकें। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण तथा सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभागों में सर्वेयर के समुचित पद भरे जाएंगे और उनका युक्तिकरण किया जाएगा ताकि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने में देरी न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के जयसिंहपुर में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के खुंडियां में राजकीय डिग्री महाविद्यालय खोला जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कांगड़ा जिला के बैजनाथ में शिव मंदिर के नजदीक भू-क्षरण समस्या की हल के लिए परियोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
परिवहन मंत्री श्री जी.एस. बाली, ऊर्जा मंत्री श्री सुजान सिंह पठानिया, वन मंत्री श्री ठाकुर सिंह भरमौरी, उद्योग तथा सूचना एवं जन सम्पर्क मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री, शहरी विकास मंत्री श्री सुधीर शर्मा, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री कुलदीप कुमार, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री गंगू राम मुसाफिर, विधानसभा उपाध्यक्ष श्री जगत सिंह नेगी, मुख्य संसदीय सचिव सर्वश्री नीरज भारती एवं जगजीवन पाल ने भाग लिया और उन्होंने बहुमूल्य सुझाव दिए।
जिला कांगड़ा
नूरपुर के विधायक अजय महाजन ने नूरपुर स्थित बचत भवन के सही रख-रखाव के लिए धनराशि प्रदान करने के साथ-साथ ब्लड बैंक स्थापित करने और ट्रामा केन्द्र का खोलने का आग्रह किया। उन्होंने फिना सिंह सिंचाई योजना में पर्याप्त संख्या में स्टाफ तैनात करने तथा क्षेत्र में विभिन्न ऐतिहासिक मंदिरों के जीर्णोंद्धार के लिए उपयुक्त मात्रा में धनराशि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। इंदौरा के विधायक श्री मनोहर धीमान ने उनके विधानसभा क्षेत्र की चार पंचायतों को शाहनहर सिंचाई योजना में शामिल करने तथा हिमाचल एवं पंजाब राज्य की सीमा पर भूमि की निशानदेही का आग्रह किया। उन्होंने उनकी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न सड़कों का सही रख-रखाव सुनिश्चित बनाने तथा क्षेत्र में स्थापित किए जा रहे उद्योगों में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर देने का आग्रह किया।
जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक विक्रम सिंह ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में पाइपों की कमी की समस्या का हल निकालने तथा क्षेत्र की उठाऊ पेयजल योजना को क्रियाशील करने का आग्रह किया। उन्होंने पौंग बांध के साथ लगत क्षेत्रों को पर्यटन गतिविधियों की दृष्टि से विकसित करने का भी आग्रह किया।
जवालामुखी के विधायक संजय रतन ने पिड्डी गलोटी, सनैर-सुलानी, अधे दी हट्टी तथा गलोड़ में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के अतिरिक्त ज्वालामुखी में उपमण्डलाधिकारी कार्यालय खोलने का आग्रह किया। उन्होंने उनके क्षेत्र में स्वास्थ्य तथा परिवहन सेवाओं में सुधार का भी आग्रह किया। उन्होंने वन स्वीकृति समय पर दिलाने तथा उनके क्षेत्र की प्रत्येक पंचायत में हैंडपम्प उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के मानकों में छूट दी जानी चाहिए और उनके विधानसभा क्षेत्र में सभी कार्यालयों का युक्तिकरण किया जाना चाहिए ताकि इन्हें कांगड़ा जिला में स्थित कार्यालयों के साथ जोड़ा जा सके।
जयसिंहपुर के विधायक श्री यादविन्द्र सिंह गोमा ने कारोड़ी-कैलाशपुर सड़क को क्रियाशील करने तथा विभिन्न पुलों का समय पर निर्माण कार्य पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने आलमपुर से जयसिंहपुर तथा होल्टा से चढ़ियार सड़क को चौड़ा करने के अतिरिक्त धार जल आपूर्ति योजना को धनराशि उपलब्ध करवाने तथा कंघियान जलापूर्ति योजना से विभिन्न पंचायतों को जल की पेयजल की आपूर्ति उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया। उन्होंने जयसिंहपुर में अग्निशमन केन्द्र स्थापित करने तथा क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा प्रभावितों को भूमि उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया।
कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री पवन काजल ने उनके विधानसभा क्षेत्र में राजकीय डिग्री कॉलेज आरम्भ करने और राजकीय पाठशाला गालियां में विज्ञान कक्षाएं आरम्भ करने का आग्रह किया। उन्होंने उनके क्षेत्र में हैंडपम्प स्थापित करने का आग्रह किया ताकि पेयजल समस्या को सुलझाया जा सके।
बैजनाथ के विधायक श्री किशोरी लाल ने बड़ागांव सड़क का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर करने ओर बैजनाथ क्षेत्र में भू-क्षरण की जांच करने का आग्रह किया। उन्होंने चढ़ियार में उप तहसील खोलने और क्षेत्र के बंद पड़े बस रूटांे को पुनर्बहाल करने के अतिरिक्त राजीव गांधी राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय तथा अस्पताल पपरोला में रोगी कल्याण समिति गठित करने का भी आग्रह किया।
जिला लाहौल-स्पीति
लाहौल स्पीति के विधायक श्री रवि ठाकुर ने प्राथमिकता के आधार पर नालड़ा पुल काजा लघु सिंचाई योजना, तिंदी पेयजल आपूर्ति योजना, चिंचम पुल तथा केलंग में व्यायामशाला के निर्माण का आग्रह किया। उन्होंने माध्यमिक पाठशाला दराचा तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सीसा के भवन निर्माण के अतिरिक्त हाल गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने का आग्रह किया। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर उदयपुर पेयजल आपूर्ति योजना का कार्य पूरा करने तथा लाहौल स्पीति जिला को हेलिकाप्टर सेवाएं उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने क्षेत्र में सी बकथॉर्न के पौधरोपण को बढ़ावा देने तथा क्षेत्र में दूरभाष सेवाओं को सुदृढ़ करने का भी आग्रह किया।
जिला कुल्लू
मनाली के विधायक श्री गोबिन्द सिंह ठाकुर ने विकास के लिए मनाली विकास प्राधिकरण गठित करने तथा क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने और विज़न दस्तावेज मनाली का कार्यन्वयन करने का आग्रह किया। उन्होंने कोठी गांव से पाण्डुरोपा सड़क के निर्माण तथा क्षेत्र में अवैध खनन पर नजर नियंत्रण रखने के लिए प्रभावी पग उठाने का भी आग्रह किया। कुल्लू के विधायक श्री महेश्वर सिंह ने वोल्टेज समस्या के निदान तथा क्षेत्र में नए लोक निर्माण विभाग के मण्डल खोलने का आग्रह किया। उन्होंने पीएमजीएसवाई के तहत एकल निविदा स्वीकार करने का आग्रह किया ताकि विकास में तेजी आ सके। उन्होंने परियोजनाओं के कार्यान्वयन में अनावश्यक देरी को दूर करने का भी आग्रह किया। उन्होंने वन अभयारण्य से लगते क्षेत्रों के साथ रहने वाले लोगों को गन लाईसेंस उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया को सरल करने का भी आग्रह किया।
बंजार के विधायक श्री कर्ण सिंह ने लारजी में अग्निशमन केन्द्र खोलने तथा सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य और लोक निर्माण डिवीजनों को लारजी स्थानान्तरित करने की मांग की। उन्होंने गढ़ागुशैणी में ट्राउट मछलियों का उत्पादन शुरू करने और सैंज, बंजार व गढ़ागुशैणी में चिकित्सकों के रिक्त पद भरने की भी मांग की। उन्होंने आग्रह किया कि सैंज व गढ़ागुशैणी में महाविद्यालय खोलने की संभावनाएं तलाशी जाएं और उनके निर्वाचन क्षेत्र में विद्यालयों को स्तरोन्नत किया जाए।
आनी के विधायक श्री खूब राम ने कहा कि पूर्व सरकार ने निथर में उप तहसील खोली थी, लेकिन तहसीलदार निरमंड और कानून-गो आनी से तैनात किया गया, जिन्हें वापिस उनकी नियुक्ति के मूल स्थान पर भेज कर निथर में नए पद भरे जाएं। उन्होंने कहा कि आनी के डीएसपी, निरमंड के एसएचओ और ब्रो पुलिस चौकी के वाहनों को बदला जाए। उन्होंने समेज व डीम स्कूलों के लिए भवन सुविधा प्रदान करने व जाओं में स्वास्थ्य केन्द्र की मांग की। उन्होंने पनाओ, थुनाग, कराशी और सरूआलसर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का भी आग्रह किया।
जिला चम्बा
चुराह के विधायक हंस राज ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में अध्यापकों, चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पड़े पद भरे जाएं और नागरिक अस्पताल तीसा में पानी की समस्या का समाधान सुनिश्चित बनाया जाए। उन्होंने कोटी स्थित आईटीआई को भंजराड़ू स्थानान्तरित करने की मांग करते हुए कहा कि वहां इस उद्देश्य के लिए सरकारी भवन उपलब्ध है। उन्होंने चम्बा जिला में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की।
चम्बा के विधायक श्री बी.के. चौहान ने मांग की कि ऐसे परामर्शदाताओं की विस्तृत सूची तैयार की जानी चाहिए, जो विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर सकते हैं ताकि इन्हें तैयार करने में होने वाली देरी से बचा जा सके। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों को सड़कों से जोड़ने की भी मांग की। उन्होंने चम्बा शहर में बस अड्डे का कार्य आरम्भ करने तथा टैक्सी स्टेंड और सब्जी मण्डी बनाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि ग्रीन ट्रिब्यूनल ने खजियार झील को वैटलैंड घोषित कर इसकी आधे किलोमीटर की परिधि में व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने इस मामले को उचित स्तर पर उठाने का आग्रह किया।
डलहौजी की विधायक श्रीमती आशा कुमारी ने गत वर्ष की विधायक प्राथमिकता बैठक की वस्तु स्थिति रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पिछड़ा क्षेत्र उपयोजना के अन्तर्गत धन के आवंटन में वृद्धि की जाए और सलूणी कॉलेज के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए विशेष समितियां गठित की जा सकती हैं। उन्होंने मांग की कि विशेषकर बर्फ से ढके क्षेत्रों में राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की उचित मूल्य की दुकानों की संख्या बढ़ाई जाए और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का युक्तिकरण किया जाए। उन्होंने अनुरोध किया कि उचित मूल्य की दुकानें खोलने के लिए राशनकार्ड धारकों की संख्या के मानक में छूट दी जाए।
भटियात के विधायक श्री बिक्रम सिंह जरयाल ने चुवाड़ी क्षेत्र में मॉनसून के दौरान पानी के खड़े की समस्या को दूर करने और सिहुंयंता-जोत मार्ग को डब्बल लेन करने का आग्रह किया। उन्होंने चुवाड़ी-चम्बा सुरंग का निर्माण करने और क्षेत्र में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में सर्वेयर और फीटर के खाली पड़े पदों को भरने के साथ-साथ कुहलों के रख-रखाव की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में खराब पड़े हैंडपम्पों की मुरम्मत की जाए।
जिला ऊना
गगरेट के विधायक श्री राकेश कालिया ने 922 करोड़ रुपये स्वां नदी तटीकरण परियोजना उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनके विधानसभा क्षेत्र के लोग भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने जंगली जानवरों की समस्या सुलझाने और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य तथा लोक निर्माण विभाग की विभिन्न परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाने की मांग कमी। उन्होंने क्षेत्र में खाली पड़े पदों को भरने का आग्रह किया।
जिला हमीरपुर
सुजानपुर के विधायक श्री राजेन्द्र राणा ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों को यह सुनिश्चित बनाना चाहिए कि नसबंदी के उपरांत वानर उसी क्षेत्र में छोड़ें जाए, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के लिए प्रशासनिक इकाई, सुजानपुर में उपमण्डलाधिकारी कार्यालय, सुजानपुर में तहसीलदार की नियुक्ति तथा वहां एक और गैस एजेंसी खोलने की मांग की। उन्होंने सुजानपुर में डिफेंस कोचिंग/प्रशिक्षण कॉलेज खोलने तथा संधोल से सुजानपुर तक ब्यास नदी के तटीकरण का आग्रह किया। उन्होंने सुजानपुर में बस अड्डे के निर्माण की मांग भी की।
नादौन के विधायक श्री विजय अग्निहोत्री ने धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना के कार्य को शीघ्र आरम्भ करने और मान तथा कुनाह खड्डों के तटीकरण कार्यों में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छोटी खड्डों पर छोटे चैक बांध निर्मित किए जाने चाहिए। उन्होंने नादौन शहर के सौंदर्यकरण के लिए परियोजना बनाने तथा पार्किंग सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की।
मुख्य सचिव श्री पी.मित्रा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और विश्वास दिलाया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का अक्षरक्षः पालन किया जाएगा।इससे पूर्व प्रधान सचिव वित्त डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने मुख्यमंत्री एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और महत्वपूर्ण सुझाव देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष तथा राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।