ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कानून एवं न्याय मंत्री अब्दुल हक खान ने कहा कि टूटे फूटे घरों में रहने वाले सभी ग्रामीण लोगों को बुनियादी सुविधाओं के साथ स्वच्छ तथा पक्के घर उपलब्ध करवाने के उददेश्य के साथ ग्रामीण विकास विभाग प्रधानमंत्री आवास योजना के अतर्गत 12456 घरों का निर्माण कर रहा है।मंत्री ने यह बात पीएमएवाई, मनरेगा, तथा स्वच्छ भारत अभियान सहित विभिन्न केन्द्रीय योजनाओें को पूरा करने की समीक्षा हेतु आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।ग्रामीण विकास के अतिरिक्त सचिव राकेश बडयाल, आरडीडी निदेशक आर.के. भटट, ग्रामीण स्वच्छता निदेशक नजीर अहमद, संयुक्त निदेशक (वित्त) शब्बीर अहमद, एसई (आरडीडी जम्मू) बलबीर सिंह, सम्बंधित एसीडी, बीडीओ, डीपीओ तथा विभिन्न जिलों के अन्य वरिश्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।मंत्री को जानकारी दी गई कि पीएमएवाई के अतर्गत विभाग ने 38772 घरों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसमें से 12456 पर कार्य चल रहा है जबकि 304 को पहले से ही पूरा किया जा चुका है।अब्दुल हक ने पंचायतों तथा ब्लाकों के क्षेत्रीय स्टाफ के साथ बातचीत कर उनकी अधिकार पंचायतों में योजना को पूरा करने की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों पर कार्य में तेजी लाने पर बल दिया ताकि निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सके।मंत्री ने कहा कि सरकार आर्थिक रूप से पिछडे वर्ग के लोगों के रहन सहन में सुधार लाने तथा उन्हें सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्का घर उपलब्ध करवाने हेतु वचनबद्ध है।उन्होंने कहा कि सरकार एसडीएम के अभिसरण में घर के निर्माण के लिए 1.30 लाख तथा इसके साथ ही लैटरिंग के निर्माण हेतु 12000 रु. की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाती है।स्वच्छ भारत मिषन के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए मंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य को अक्तूबर 2018 के निर्धारित लक्ष्य के पहले खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोशित किया जाएगा।मंत्री को बताया गया कि विभाग ने मार्च 2018 तक 4.17 लाख आईएचएचएल तथा 110 समुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण किया है।मंत्री ने आरडीडी की विभिन्न विंगों के अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं का उचित कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के अतिरिक्त समय पर लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु मिलकर कार्य करने के लिए कहा।