एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया (एटीएफआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने फ्रंट कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी नवीद को पुलिस हिरासत से छुडाकर ले जाना हिन्दुस्तान की एकता और अखंडता के लिए बहुत बड़ा खतरा है। शांडिल्य ने कहा कि यदि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी जांच तुरंत एनआईए को ना दी तो एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर एनआईए से जांच करवाने की मांग करेगा । शांडिल्य ने कहा जल्द एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया भारत के मुख्य न्यायधीश से मिलकर एंटी टेररिस्ट फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मांग करेगा ताकि आतंकियों के खिलाफ कारवाई में देरी ना हो l शांडिल्य ने बताया कि उन्होंने इस बारे देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह को मेल भेजी है। शांडिल्य ने कहा यह फरारी कारगिल का युद्ध, 26/11,संसद हमला, लाल किला,पठानकोट,दीनानगर व उड़ी पर हमले जैसा है और इसके बाद यह बात साबित हो चुकी है कि लश्कर-ए-तैयबा,हाफिज सईद व आईएसआई जम्मू कश्मीर व देश में अपनी जड़े व नेटवर्क फैला चुकी है। शांडिल्य ने कहा कि हरियाणा,पंजाब,जम्मू कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया प्रर्दशन करेगा । वही एटीएफआई प्रमुख वीरेश शांडिल्य ने कहा की जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री आईएसआई के इशारे पर काम कर रही है उसका आका पाकिस्तान है और वही शांडिल्य ने आरोप लगाया की आतंकी नवीद को छुडवाने में जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ़्ती का हाथ भी हो सकता है। उन्होंने मोदी से मांग की कि जम्मू कश्मीर में पीडीपी से समर्थन वापिस लेकर कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए और पाकिस्तान पर हमला किया जाएं। इस मौके पर कुलवंत सिंह मानकपुर,लखविन्द्र सिंह सधापुर,जसमीत जस्सी,केसर सिंह आदि मौजूद थे