राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि ‘शुद्धीकरण’ को हमारे धर्म में पांच तत्वों में एक के रूप में वर्णित किया गया है, जिसके अंतर्गत हमारे संतों ने आन्तरिक तथा बाह्य स्वच्छता के बारे में कहा है, इसलिय जीवन के लिए स्वच्छता अति महत्वपूर्ण है।राज्यपाल गत देर सायं राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरूक्षेत्र में एनआईटी कुरूक्षेत्र द्वारा विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान एवं रागीरी के सहयोग से आयोजित ‘कालिया मर्दन एवं स्वच्छ गृह’ व्याख्यान के अवसर पर बोल रहे थे।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के सम्मान व प्रतिष्ठा तथा स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए, विशेषकर ग्रामीण महिलाओं की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता अभियान की शुरूआत की है। राज्यपाल ने कहा कि यह नागरिक समाज का दायित्व है कि हम ईमानदारी के साथ देश को स्वच्छ बनाने में योगदान करें।राज्यपाल ने प्रधानमंत्री द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान में शामिल (ब्रेण्ड एम्बेस्डर) नवरतनों में एक पदम विभूष्ण डा.सोनल मानसिंह को सम्मानित किया।डॉ. सोनल मानसिंह ने इस अवसर पर कहा कि सफाई हमारी नैतिकता से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने धर्म की दृष्टि से रोजमर्रा के जीवन में सफाई के महत्व पर प्रकाश डाला।एनआईटी के निदेशक पदमश्री डॉ. सतीश कुमार ने संस्थान में वर्ष के दौरान आयोजित की गई स्वच्छता गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।रागिरी के संचालक शिवेन्द्र कुमार ने कहा कि उनका संगठन भी स्वच्छता अभियान सहित अनेक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है।विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. रामेन्द्र सिंह ने स्वच्छता अभियान में किए जा रहे संस्थान के प्रयासों के बारे अवगत करवाया।अधिष्ठाता एनआईटी छात्र कल्याण प्रो. सत हंस ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी।कामाख्या कलापीठ के कलाकारों ने इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।