शिक्षा मंत्री सईद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी ने आज स्कूलों, कालेजों तथा विश्वविद्यालयों के स्तर पर कौशल विकास पाठ्यक्रमों को लागू करने की समीक्षा हेतु अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।शिक्षा राज्य मंत्री प्रिया सेठी, उच्च शिक्षा के प्रमुख सचिव, डॉ असगर हसन सैमून, स्कूली शिक्षा सचिव फारूक अहमद शाह, जम्मू विश्वविद्यालय के उपकुलपति, समूह विश्वविद्यालय श्रीनगर तथा जम्मू के उपकुलपति, स्कूली शिक्शा निदेशक जम्मू तथा कश्मीर, तकनीकी शिक्शा निदेशक, मिशन निदेशक आरयूएसए, कालेज निदेशक उडान तथा हिमायत के मिशन निदेशक, नोडल प्रिसिपल तथा अन्य सम्बंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।इस अवसर पर विभिन्न विश्वविद्यालय के उपकुलपतियों ने अपने अधिकार संस्थानों में शुरू किये गये कौशल विकास पाठ्यक्रमों के बारे मे विस्तृत जानकारी दी।यह जानकारी भी दी गई कि जम्मू विश्वविद्यालय में फ्रैंच भाशा सहित कुछ पाठ्यक्रम तथा भाशा पाठ्यक्रम शुरू किये है। समूह विश्वविद्यालय (श्रीनगर) ने भाशा का शाम का स्कूल शुरू किया है यहां पर भाशाएं सिखाई जा रही है। जबकि समूह विश्वविद्यालय (जम्मू) ने पौधारोपण, चाकलेट बनाने आदि पर पाठ्यक्रम शुरू किये हैं।बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि कश्मीर विश्वविद्यालय में लाईफलांग लरनिंग निदेशालय कई वर्शो से लगभग 30 पाठ्यक्रमों की शिक्षा दे रहा है। मंत्री को जानकारी दी गई कि यह केन्द्र अणिक से अधिक कौशल विकास पाठ्यक्रमों को शुरू करना चाहता है जिसके लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।बैठक में बताया गया कि स्कूली शिक्षा विभाग ने पर्यटन, आत्मरक्षा एवं सुरक्षा सहित कुछ पाठ्यक्रमों को चुना है तथा यथाशीघ्र इनको शुरू किया जायेगा।इस अवसर बुखारी ने अधिकारियों को राज्यभर के स्कूलों कालेजों तथा विश्वविद्यालयों में विभिन्न कौशल विकास पाठ्यक्रमों को शुरू करने के निर्देश दिये।तकनीकी शिक्शा निदेशक शबनम कमली के नेतृत्व में एक कमेटी भी गठित की जायेगी जो विभिन्न पाठ्यक्रमों के प्रचलन के विभिन्न पहलुओं को देखेगी। बैठक में शिक्शा के विभिन्न स्तरों पर छात्रों की काऊसलिंग पर भी चर्चा की गई।