संरक्शण वास्तुकारों के प्रतिनिधिमंडल जोकि विरासत के संरक्शण एवं स्कूलों के ढांचों को बहाल करने में शामिल हैं, ने आज शिक्शा मंत्री सईद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी से मुलाकात की। बैठक के दौरान कश्मीर संभाग के शहरी एवं ग्रामीण क्शेत्रों में विरासतीय भवन तथा स्कूलोें के पुनःसंयोजन के प्रस्ताव के बारे में चर्चा की गई। इस अवसर पर आयुक्त श्रीनगर नगर निगम डॉ. शफकत खान, संरक्शण वास्तुकार गुरमीत एस.राय एवं उप-प्रधान आईसीओएमओएस-इंडिया तथा नेटवर्कस एंड पार्टनरशिप आफ सस्टेंएवल एन्वायरनमैंट एंड इकोलोजिकल डिवेल्पमैंट सोसायटी के प्रमुख मिहीर जोशी भी उपस्थित थे।प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को कश्मीर के ऐतिहासिक स्कूलों एवं कालेजों के संरक्शण सम्बंधी विभिन्न मुद्दों से अवगत करवाया।
फतेहकदल श्रीनगर तथा उत्तरी कश्मीर में एक स्कूल के पुनःसंयोजन पर सहमति जताई गई और इसके लिए नेशनल सैंटर फॉर सेफटी ऑफ हैरिटेज स्टैक्चरस तथा सिविल इंजीनियरिंग विभाग को इन कार्यो की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। क्शेत्रीय तकनीकी संस्थान जैसे कि एनआईटी श्रीनगर भी इस परियोजना में शामिल होंगे। आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों के साथ पारम्परिक वास्तुशिल्प ज्ञान को समयोजित किये जाने को सिखाने के लिए पारम्परिक शिल्पकार भी लगाये जाएंगे।बैठक में निर्णय लिया गया कि इस परियोजनाओं के दस्तावेजों को विशेशज्ञों द्वारा 2 माह के भीतर तैयार किया जाएगा और परियोजना को अगामी 6 माह में लागू किया जाएगा।
वास्तुकारों ने भवनों पुनःसंयोजन की प्रक्रिया की जानकरी देते हुए बताया कि इस प्रक्रिया में पुराने तथा कमजोर भवनों को भूकंप तथा अन्य खतरों से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध किया जा चुका है कि इस प्रक्रिया से पुराने ढांचों तथा पारम्परिक निर्माणों को बचाया जा सकता है। मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से इस परियोजना के प्रस्ताव तथा लागत विभाग को सौंपने को कहा। उन्होंने एसएमसी आयुक्त को इस परियोजना की सभी आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध करवाने को कहा तथा परियोजना को 6 माह तक पूरा करने को कहा। बुखारी ने वास्तुकारों से कहा कि यह स्कूल विरासत के संरक्शण के लिए उदाहरण होने चाहिए तथा संतुश्टिपूर्ण नतीजें मिलने पर इस परियोजना के विस्तार का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जो स्कूल 2014 की बाढ़ में क्शतिग्रस्त हुए थे, राज्य सरकार उन स्कूलों का पुनःनिर्माण करने का समर्थन कर रही है।