जसरोटा वन्यजीव अभयारण्य को नया रूप मिल रहा है। वन विभाग ने पारिस्थितिकी संतुलन को छेड़े बिना पर्यटक सुविधाएं प्रदान कर प्राचीन प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में इसे फिर से जीवंत करने की तैयारी कर ली है। वन, पर्यावरण और पारिस्थितिकी मंत्री चौधरी लाल सिंह ने वन विभाग और इसके संबद्ध विंगों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जसरोटा वन्यजीव अभयारण्य के दौरे के दौरान इस बारे में बताया।मंत्री ने कहा कि जसरोटा वन्यजीव अभयारण्य में जानवरों और पक्षियों की कई दुर्लभ प्रजातियां है। उन्होंने कहा कि जसरोटा किले की दीवारों के साथ पेड़ों को काटने के अलावा अभयारण्य के अंदर तालाबों को फिर से जीवंत करने के प्रयास चल रहे हैं।मंत्री ने कहा कि अभयारण्य से राष्ट्रीय राजमार्ग तक लिंक रोड का बहुत जल्द ही विस्तार होगा, इस सड़क पर काम पहले से ही शुरू हो गया है।