नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ के नारे के साथ शनिवार को एसवाईएल के मुद्दे को लेकर हलका बवानीखेड़ा के गांव मिताथल से जन अभियान शुरू किया।उन्होंने कहा कि दूसरे न्याय युद्ध के लिए सभी राजनैतिक दलों को इनेलो के साथ आना चाहिए क्योंकि पानी की यह लड़ाई किसानों के साथ-साथ हरियाणा के प्रत्येक नागरिक के लिए संजीवनी साबित होगी। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल ने भी यह स्वीकार किया था कि एसवाईएल को लेकर 90 फीसदी निर्माण तो जननायक ताऊ देवीलाल ने करवाया था। उन्होंने आज हलका बवानीखेड़ा के गांव मिताथल, मुंढाल, कूंगड़, दुर्जनपुर, पपोसा में विशाल जनसभाओं को संबोधित किया। प्रत्येक जनसभा में अभय सिंह चौटाला को खेती का सूचक कस्सी भेंटकर ग्रामीणों ने 23 फरवरी को गांव इस्माईलपुर जिला अंबाला में पहुंचने का आश्वासन दिया। हजारों की संख्या में उपस्थित किसानों व ग्रामीणों को देखकर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि आप सभी की भारी उपस्थिति को देखकर यह साफ हो गया है कि 23 फरवरी की तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रही है।इनेलो नेता ने कहा कि प्रदेश को अब तक एसवाईएल का पानी जो नहीं मिल पाया तो उसका मुख्य कारण 1966 से 1977 के बीच रहे प्रदेश के मुख्यंमत्री थे। सन 1977 में ताऊ देवीलाल ने मुख्यमंत्री बनते ही सतलुज यमुना लिंक नहर का पानी हरियाणा को दिलाने कु लिए मुहिम शुरू की थी।
उसके बाद राजीव लोंगौवाल समझौते के तहत जब हरियाणा के हितों को क्षति पंहुचाने का प्रयास किया गया तो ताऊ देवी लाल ने न्याय युद्ध शुरू किया और हिसार से दिल्ली कूच किया और जननायक चौधरी देवीलाल दिल्ली तक पहुंचते-पहुंचते लाखों की संख्या का काफिला साथ लेकर दिल्ली पहुंचे तथा सरकार को हरियाणा के साथ हो रही ज्यादती पर तुरंत सोचने और समझौता लंबित करने के लिए मजबूर कर दिया था। 1999 से लेकर 2005 तक के इनेलो शासनकाल के दौरान इनेलो सुप्रीमो चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व वाली सरकार की जोरदार पैरवी से माननीय सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष2002 में हरियाणा के हक में फैसला सुनाया।अभय चौटाला ने कहा कि आज एसवाईएल के मुद्दे पर कहा कि भाजपा व कांग्रेस के नुमाइंदे हरियाणा के हक को लेकर तो इतने गंभीर नहीं है लेकिन पंजाब चुनाव को लेकर मनोहरलाल, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, किरण चौधरी व अशोक तंवर जैसे लोग अपनी-अपनी सरकारें बनाने के लिए पंजाब में दांव पेच जरूर खेलेंगे। इस अवसर पर उनके साथ विधायक बलवान दौलतपुरिया, जिला अध्यक्ष सुनील लांबा, बलदेव घणघस, जगदीश धनाना, कल्याण सिहाग, राजबीर तालू, मनमोहन भूरटाना, भीष्म सिवाच, गुड्डी लांग्यान, शकुंतला श्याणी, इंदु परमार, राजू मेहरा, बलवंत औरंगनगर, उमेद सारसर, प्रेम धनाना, ईश्वर धारीवाल मिताथल, विरेंद्र पंघाल, दयाकिशन बूरा, संजय कारखल, राहुल मुंढाल, राजकुमार ढुल, रामकुमार मिताथल, राजेंद्र बीडीसी, नरेंद्र मिताथल, दिनेश नंबरदार, ओमबीर सिवाच, अंकित ढुल, जस्सी गोयत, अनूप सिहाग, राजेंद्र गोयत, पारस भिवानी, सुनील बल्हारा, अजमेर कूंगड़, सुरेंद्र बीडीसी, दिलबाग चेयरमैन, सुखबीर सरपंच, जगदीप ढांडा, अजमेर सिवाच, संजय तिगड़ाना, अजीत तिगड़ाना, रामकला सिहाग, ईश्वर पूनिया, मोहन सिहाग, जगदीश गोयत, राजेंद्र गोयत, ओम सिवाड़ा, कर्मबीर भैणी, मांगेराम सिवाड़ा, सुभाष गुज्जर, दीपक राठौड़, महेंद्र नंबरदार व नरेंद्र सिवाच भी मौजूद थे।