शिरोमणि अकाली दल द्वारा पंजाब के पानी के अधिकार में की जा रही कार्यवाही के तहत जिले की समस्त पंचायतों द्वारा प्रस्ताव डालकर देश के प्रधानमंत्री तथा देश के राष्ट्रपति को भेजने के लिए आज यहां उपायुक्त को सौंपे गये जिसमें मांग की गई है कि पंजाब के पानी और एसवाईएल नहर का मामला रिपेरियन सिद्धात अनुसार हल किया जाए।इससे पूर्व अकाली दल के जिला प्रधान तथा मुख्य संसदीय सचिव स. मनतार सिंह बराड़ की अध्यक्षता में पार्टी नेताओं का एक एकत्रता स्थानीय गुरूद्वारा खालसा दीवान में हुई। जिसको संबोधित करते हुये स. बराड़ ने कहा कि पंजाब के पानी की बांट को लेकर देश स्वतंत्र होने के बाद लम्बा समय केन्द्र की सत्ता में राज करने वाली कांग्रेस सरकारो ने सदैव पंजाब और पंजाबियों से सौतला व्यवहार किया है ।
पंजाब देश का अन्न दाता है जिस के लिए पंजाब के पानी की रक्षा के लिए प्रत्येक पंजाबी को पेहरा देने की जरूरत है।उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुये 32 वर्षो के बाद एसवाईएल वाली किसानों की भूमि उनको वापिस कर दी । उन्होने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुये कहा कि जब वह पंजाब में आये तो उन्होने बयान दिया कि एसवाईएल नहर नही बननी चाहिए पंरतु जब दिल्ली गये तो कहने लगे कि एसवाईएल हरियाणा के लिए जरूरी है एवं यह बननी चाहिए। उन्होने कहा कि पानियों के मुददे पर पंजाब के साथ अन्याय हो रहा हेै जोकि सरासर गलत है। इस अवसर पर परमबंस सिंह बंटी रोमाणा चेयरमैन यूथ विकास बोर्ड ने बोलते हुये कहा कि पानी की बांट में पंजाब और पंजाबियों के साथ हुये बड़े स्तर पर अन्याय के लिए कांगे्रस पार्टी जिम्मेवार है जिसको पंजाब के लोग कभी मुंह नही लगाएगें। उन्होने कहा कि गत कांग्रेस सरकारों द्वारा एसवाईएल समझौता करके पंजाब के साथ बहुत बड़ा अन्याय किया है पंरतु पंजाब के पास किसी को भी देने के लिए कोई अतिरिक्त पानी नही है।
उन्होने कहा कि पंजाब के पानियों पर डाके वाले इस समझौते का अकाली दल ने डट कर विरोध किया था और अब भी एसवाईएल नहर को किसी भी स्थिति में बनने नही दिया जाएगा।इस अवसर पर अन्य के अतिरिक्त गुरिन्द्र कोैर भोलूवाला,कुलतार सिंह बराड़, जसवाल सिंह मोड़, बलजिन्द्र सिंह धालीवाल, सुखदेव सिंह बाठ और गुरचेत सिंह ढिल्लों ने भी संबोधित किया और कहा कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्यों को देने के लिए अतिरिक्त पानी नही है उन्होने कहा कि यदि पंजाब का पानी अन्य राज्यों को दिया तो पंजाब की धरती बंजर हो जाएगी तथा इस प्रकार पंजाब के अन्नदाता के साथ बहुत बड़ा अन्याय होगा। इस पश्चात वह शहर में पैदल मारच करते हुये डिप्टी कमिशनर कार्यालय पहुंचे जहां उन्होने उपायुक्त द्वारा राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन के साथ जिला फरीदकोट की पंचायतों द्वारा डाले गये प्रस्ताव की कापियां देते हुये मांग की कि पानी का मामला देश की स्वीकृत रिपेरियन सिद्धात अनुसार हल किया जाए।