Thursday, 23 July 2026

 

 

खास खबरें विकसित भारत 2047 के लिए शिक्षा प्रणाली के निर्माण में केंद्र और राज्य समान भागीदार हैं: धर्मेंद्र प्रधान स्कूल छोड़ने वाले 80 हजार बच्चों की वापसी, गुजरात सरकार ने शुरू किया बड़ा अभियान असम में बाढ़ : मुख्यमंत्री सरमा बोले- कई गांव पूरी तरह से संपर्क से बाहर, हजारों लोग फंसे हुए बाढ़ प्रभावितों को हरसंभव मदद मिलेगी, फंड की कोई कमी नहीं: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा इको-फ्रेंडली प्लास्टिक पैकेजिंग से बढ़ेगी खाने की शेल्फ लाइफ, घटेगा प्रदूषण सावन सोमवार व्रत से क्यों मिलता है मनचाहा जीवनसाथी? जानिए पौराणिक कथा तनावमुक्त जीवन और बेहतर एकाग्रता के लिए करें उत्थित पार्श्वकोणासन योगासन काले कपड़े पहनकर विपक्षी सांसदों का संसद परिसर में विरोध, राहुल और प्रियंका गांधी भी हुए शामिल कौन से दबे राज छिपा रहे हैं शिक्षा मंत्री, आखिर किस दबाव में उन्हें नहीं हटा पा रही सरकार: अखिलेश यादव विपक्ष के प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी से मिले शरद पवार और सुप्रिया सुले वर्तमान दौर में किसी भी चुनौती से अकेले नहीं निपट सकते, भारत-आसियान को मिलकर आगे बढ़ना होगा: एस जयशंकर 23 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय प्रसारण दिवस? जानिए इतिहास गंगा मां की बेटियां: इंदिरा कृष्णन ने बताया दुर्गावती का सफर 'मिर्जापुर: द फिल्म' को लेकर श्वेता त्रिपाठी बोलीं- 'गोलू गुप्ता का सफर मेरे करियर का सबसे खास अनुभव' बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर विशेष, जिन्होंने जन-जन तक पहुंचाई थी आजादी की चिंगारी जब पिता के निधन के बाद टूट गए थे एल. सुब्रमण्यम, एक साल तक नहीं छुआ वायलिन यादों में आजाद : चंद्रशेखर आजाद ऐसे बने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अजेय योद्धा पिछले तीन साल बेहद चुनौतीपूर्ण रहे, अब शांति वापस आ रही है : युम्नाम खेमचंद सिंह नीट विवाद पर कांग्रेस ने भाजपा दफ्तर का किया घेराव यादों में महमूद : जब मीना कुमारी के घर टेबल टेनिस सिखाने जाते थे कमीडियन, देखते ही उनकी बहन पर हार बैठे थे दिल मनीला में न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स से म‍िले जयशंकर

 

डीडीएलजे मै बनाऊंगा तो नहीं चलेगी : धूलिया

Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 दरिया न्यूज

नई दिल्ली,(आईएएनएस) , 28 Oct 2013

Last updated on: Oct 28, 2013, 00:00 IST

चंबल के बीहड़ों में 'पान सिंह तोमर' और गाजियाबाद की गलियों में 'शागिर्द' की शूटिंग करने वाले फिल्मकार तिग्मांशु धूलिया की फिल्मों में ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों वाले भारत का दर्शन होता है। धूलिया मानते हैं कि वह 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' (डीडीएलजे) जैसी फिल्में नहीं बना सकते क्योंकि इस तरह की फिल्मों में खूबसूरत चेहरों के साथ चमक-दमक वाली जगहें फिल्माने की आवश्यकता होती है।उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर इलाहाबाद में पले बढ़े धूलिया अपनी फिल्मों में हमेशा ही छोटे शहरों वाले अपने अनुभव को चित्रित करने की कोशिश करते हैं। धूलिया ने एक साक्षात्कार में आईएएनएस को बताया, "मैं छोटे शहर की पृष्ठभूमि से आता हूं और वहां के बारे में बेहतर जानता हूं। यदि मैं 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' जैसी फिल्म बनाऊंगा तो वह नहीं चल पाएगी।"

धुन के पक्के धूलिया ने 'हासिल' 'चरस' और 'शागिर्द' जैसी अपनी शुरुआती फिल्मों के न चलने के बाद भी धीरज नहीं खोया और न ही अपनी खुद की चुनी राह ही बदली। आखिरकार, उन्हें पहली बार पहचान मिली फिल्म 'साहब बीवी और गैंग्स्टर' से, उसके बाद उन्होंने अभिनेता इरफान खान के साथ 'पान सिंह तोमर' बनाई, जिसने उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिलवाया।धूलिया कहते हैं, "पान सिंह तोमर' मेरे करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। अब फिल्म निर्माण के क्षेत्र में मेरे लिए काफी कुछ आसान हो गया हैं।"कामयाबी और पहचान के साथ बड़े बैनर और बड़े बजट की फिल्मों में बड़े कलाकारों के साथ काम करने के भी अवसर धूलिया को मिलने लगे।

उनकी आनेवाली फिल्म 'बुलेट राजा' उत्तर प्रदेश के माफिया जगत पर आधारित फिल्म है, जिसमें अभिनेता सैफ अली खान और अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा मुख्य भूमिकाओं में हैं।धूलिया कहते हैं, "जब आपको यह पता है कि आपकी फिल्म का बजट 50 करोड़ रुपये से ज्यादा होगा, तो आपको फिल्म में बड़े कलाकारों को लेने की जरूरत पड़ेगी। यह अर्थव्यवस्था का तकाजा है।"अपनी फिल्म 'बुलेट राजा' के प्रदर्शन का इंतजार कर रहे धूलिया ने कहा कि अब सिनेमा बदल रहा है और कलाकार भी नए-नए प्रयोगों के लिए राजी हैं। अब लोग सिर्फ वही नहीं करते रहना चाहते, जो पहले से करते आ रहे हैं, अब लोग ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करना चाहते हैं।

 

Tags: bolywood

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD