केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और शिपिंग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में एक समर्पित सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ बनाने की जरूरत पर बल दिया है। यह प्रकोष्ठ सड़कों पर मुख्यत: चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को सुरक्षा के लिहाज से दुरुस्त करने के लिए इनमें आवश्यक इंजीनियरिंग खासियतों को समाहित करने पर अपना ध्यान केन्द्रित करेगा। यह प्रकोष्ठ बनाने का विचार अंतर्राष्ट्रीय सड़क संघ के भारतीय अध्याय द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट के मद्देनजर आया है, जिसमें मामूली निवेश से दिल्ली स्थित 10 प्रमुख ब्लैक स्पॉट्स पर बेहद आसानी से कुछ विशेष इंजीनियरिंग एवं यातायात प्रबंधन सुधार करने का उल्लेख किया गया है।
सड़क दुर्घटनाओं वाले इन ब्लैक स्पॉट्स में सराय काले खां, मोरी गेट, निगम बोध घाट, मुकुंदपुर चौक, डॉ. भाभा मार्ग क्रॉसिंग, पंजाबी बाग चौक, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, महिपालपुर फ्लाईओवर, शनि मंदिर और शाहदरा फ्लाईओवर शामिल हैं। पिछले साल इन ब्लैक स्पॉट्स पर कुल मिलाकर 245 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 203 लोग घायल हुये, जबकि 84 लोगों की मृत्यु हो गई। अंतर्राष्ट्रीय सड़क संघ (आईआरएफ) ने अपनी रिपोर्ट में इन ब्लैक स्पॉट्स को यातायात के लिहाज से और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए यातायात एवं सड़कों पर संकेतकों की सुचारू व्यवस्था करने, फुटपाथ पर निशान लगाने इत्यादि का सुझाव दिया है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में श्री गडकरी ने आईआरएफ की रिपोर्ट पर गौर करने और वित्त पोषण के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रासंगिक प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया है कि मंत्रालय ब्लैक स्पॉट्स को हटाने के लिए शीघ्र ही राष्ट्रीय स्तर पर पहल करेगा, जिसमें दिल्ली सरकार के प्रस्तावों को समायोजित किया जा सकता है।