डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा- सिक्किम को भारत का प्रथम जैविक राज्य घोषित करने के बाद पूर्वोत्तर में जैविक कृषि में महत्वपूर्ण पहलों का मार्ग प्रशस्त हुआ हैकेन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक लोक-शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि 21वीं सदी का नेतृत्व प्रमुख उद्यमियों द्वारा किया जाएगा और कल का भारत उद्यमियों का भारत होगा। डॉ. जितेन्द्र सिंह इस माह की 16 तारीख को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित ‘स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया’ अभियान के शीघ्र अनुसरण के तहत एक दिवसीय “स्टार्ट अप इंडिया” सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन का आयोजन आज एसोचैम (भारतीय वाणिज्य और उद्योग संयुक्त चैम्बर्स) के द्वारा किया गया था।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि निश्चित रूप से भारत के लिए यह सर्वश्रेष्ठ समय है क्योंकि प्रधानमंत्री सदैव नई पहलों और सकारात्मक प्रयोगों को अंजाम दे रहे है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी युवा शक्ति के आधार पर वैश्विक शक्ति बनने की अग्रसर है,जो देश की जनसंख्या का 65 प्रतिशत है और इस प्रकार से यह युवा शक्ति ‘स्टार्ट अप इंडिया’ अभियान के वास्तविक मार्गदर्शक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विचार पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ‘स्टार्ट अप इंडिया’ का भविष्य अर्थव्यवस्था के योजनाकारों और युवा उद्यमियों के द्वारा तैयार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री की ‘स्टार्ट अप इंडिया’ घोषणा में कुछ अतुल्य प्रावधानों की सराहना करते हुए डॉ. जितेन्द्र सिंह ने तीन माह की एक निर्गम अवधि के प्रावधान का उल्लेख किया, जिसमें युवाओं को आगे बढ़ने के लिए अवसर चुनने की स्वतंत्रता होगी या किसी अन्य विकल्प पर जाने की अवसर होगी। इससे युवाओं में न सिर्फ जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि अपनी पहलों पर बिना हार माने आगे बढ़ने के लिए उसका आत्मविश्वास भी बढेगा।
पूर्वोत्तर का उल्लेख करते हुए डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय स्टार्ट अप के लिए एक उपक्रम कोष के निर्माण की सुविधा पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि सिक्किम को भारत का प्रथम जैविक राज्य के तौर पर घोषित किए जाने से पूर्वोत्तर में जैविक कृषि में नई पहलों के लिए नए आयाम खुले है। इस अवसर पर इजरायल के राजदूत श्री डेनियल कारमेन और एसोचैम के अध्यक्ष श्री सुनील कनोरिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए।