जिला के वरिष्ठ कांग्रेस नेता व एग्रो पैकेजिंग के पूर्व वायस चेयरमैन ओंकार शर्मा ने प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शर्मा के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा है कि खनन विभाग व पुलिस ने जिस तरह ऊना जिला सहित पूरे प्रदेश में खनन माफिया पर शिकंजा कसा है और अवैध में प्रयुक्त वाहनों पर कार्रवाही करके करोड़ों रूपए का जुर्माना वसूला है, उससे भाजपा नेता बौखला गए हैं। आज यहां मीडिया से बातचीत करते हुए ओंकार शर्मा ने कहा कि श्री प्रवीण शर्मा को यह नहीं भूलना चाहिए कि पूर्व भाजपा शासन में खनन माफिया , भू-माफिया, भुक्की माफिया व वन माफिया बेलगाम होकर राजनीतिक सरंक्षण से चांदी कूटता रहा और भाजपा हुक्मरान अपने एकमात्र एजेंड़े पर काम करते रहे कि किस तरह प्रदेश वासियों के दिलों की धडक़न श्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ साजिशों को अंजाम दिया जाए ।
ओंकार शर्मा ने कहा कि श्री वीरभद्र सिंह ने तो अटूट जनसमर्थन से प्रदेश में छठी बार मुख्यमंत्री बनने का इतिहास रचाा लेकिन भाजपा नेता प्रदेश में अपनी पार्टी के सत्ता में बाहर हो जाने को पचा नहीं पा रहे हैं और भाजपा नेताओं की बयानबाजी में उनकी पीड़ा छलक रही है। ओंकार शर्मा ने कहा कि ने कहा है कि भाजपा शासन में भाजपा नेताओं के इशारे पर अवैध खनन से प्रदेश की खड्डें व पहाड़ खोखले कर दिए गए, खड्डों में पत्थर तक नहीं छोड़ गए लेकिन वीरभद्र सरकार ने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं और रात आठ बजे से सुबह 6 बजे तक वैध खनन पर भी रोक लगाने का सराहनीय फैसला लेने के अलावा प्रदेश की सीमाओं से बाहर रेत- बजरी ले जाने पर जो रोक लगाई है, उससे खनन माफिया के साथ - साथ भाजपा नेता भी परेशान हो उठे हैं।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सरकार के 8 माह के कार्यकाल में तो अवैध खनन को लेकर 4 करोड़ से अधिक जुर्माना किया गया है लेकिन भाजपा शासन के पांच साल में खनन माफिया पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम क्यों नहीं उठाए गए? ओंकार शर्मा ने कहा कि प्रदेशवासी यह अभी तक नहीं भूले हैं कि धूमल शासन में किस तरह हिमाचल के हितों से खिलवाड़ हुआ और एक तरह से ‘हिमाचल ऑन सेल’ रहा। किस तरह हिमाचल प्रदेश में निजी विश्वविद्यालय खोले जाने की आड़ में भाजपा नेताओं ने चांदी कूटी और बहुमूल्य जमीनें कौडिय़ों के भाव दे दी गईं। ओंकार शर्मा ने कहा कि भाजपा नेताओं के चेहरे की चमक तब देखने लायक होती थी , जब भाजपा शासन में पर्यारण से खिलवाड़ करके खनन माफिया राजनीतिक संरक्षण में चांदी कूटता था लेकिन अब जबकि खनन माफिया पर कांग्रेस शासन में नकेल कसी गई है और प्रदेश से बाहर रेत बजरी ले जाने पर कड़ाई से पाबंदी लगाई गई है तो खनन माफिया के शुभचिंतक अखबारों में बयान देकर हाय तौबा मचा रहे हैं और उनके चेहरे का नूर गायब हो गया है। ओंकार शर्मा ने कहा कि खनन माफिया पर हो रही कार्रवाही से तिलमिलाए भाजपा नेता अब अफसरों को धमकाने की घिनौनी राजनीति पर उतर आए हैं । ओंकार शर्मा ने कहा कि ऐसे नेता सिर्फ अपनी नेतागिरी चमकाने और अखबारों में अपना नाम देखने के लिए अवैध खनन का राग अलाप रहे हैं । उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार में जब भुक्की माफिया और खनन माफिया जिला में दनदना रहा था तब ऐसे भाजपा नेता मुंह में दही जमाए क्यों बैठे थे और अब जब प्रदेश में कानून का राज आया है तो ऐसे नेताओं की सिटटी पिटटी किसलिए गुम है।