प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री और उत्तर - पूर्व क्षेत्र के विकास संबंधी केंद्रीय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), कार्मिक, जनशिकायत, पेंशन परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग के राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि सरकार सीबीआई की आजादी सुनिश्चित करने के प्रति कृत-संकल्प है। वे आज सीबीआई और सतर्कता ब्यूरो के 21वें सम्मेलन में विदाई भाषण दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा माहौल मुहैया करायेगी जिसमें सीबीआई और दूसरे खुफिया ब्यूरो के अधिकारी अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी के साथ अपनी योग्यता और क्षमता का सर्वोत्तम निर्वाह भी कर सकें।जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार, अपराध और आतंकवाद के जबरदस्त प्रसार के विरूद्ध लडा़ई के बीच खुफिया अधिकारियों द्वारा अपनाई गई रणनीतियों और कुशलता से ही नई चुनौतियों का निरंतर बेहतर ढंग से मुकाबला किए जाने की जरूरत है। इस संबंध में उन्होंने भारत में श्रेष्ठ पूछताछ केंद्र को उन्नत बनाते हुए जांच में कुशलता संबंधी आधुनिक संस्थान की स्थापना के फैसले का जिक्र किया।
भ्रष्टाचार, अपराध और आतंक के खिलाफ गंभीरता और ईमानदारी से मुकाबला करने के सरकार के संकल्प को दोहराते हुए डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कल हुई मंत्रिमंडल की बैठक का भी जिक्र किया जिसमें मार्च 2017 की समय-सीमा तय करते हुए अपराध और अपराधियों को पकड़ने संबंधी नेटवर्क प्रणाली के तेजी से लागू करने की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि यह उल्लेख करना प्रासंगिक है कि इस परियोजना की शुरूआत 2009 में यूपीए सरकार ने की थी, लेकिन 6 साल बाद बीच में ही यह रूक गई जिससे उम्मीदों पर पानी फिर गया।कल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सम्मेलन में दिए गए उद्घाटन भाषण का हवाला देते हुए डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है।
इससे इस तथ्य का पता चलता है कि 26 मई, 2014 को शपथ ग्रहण के कुछ दिनों के भीतर ही विशेष जांच समिति गठित कर दी गई जिसने विदेशी बैंकों में जमा काले धन पर अपना काम शुरू कर दिया।डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग सहित ‘भ्रष्टाचार निरोधक कानून’ और ‘’व्सिहलब्लोअर कानून’’ जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद के पिछले सत्र के दौरान बार-बार रखा गया लेकिन सदन के व्यवधान के कारण इन्हें आगे नहीं बढ़ाया जा सका। उन्होंने कहा कि हम एक बार फिर 26 नवंबर को शुरू हो रहे संसद के आगामी सत्र में इन्हें आगे बढ़ाने के प्रति कृत - संकल्प है। इसी तरह लोकपाल विधेयक के मामले में हमें उम्मीद है कि हम स्थायी समिति में अपनी रिपोर्ट शीघ्र ही भेजेंगे जिससे प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।इससे पहले सीबीआई के निदेशक श्री अनिल सिन्हा ने आगामी वर्षों में अपने बुनियादी ढांचे में अत्याधुनिक तकनीक को शामिल कर इसे उन्नत करने संबंधी अपनी कई नई योजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर डॉ. जितेन्द्र सिंह ने तेजतर्रार खुफिया अधिकारियों को भारतीय पुलिस पदक से सम्मानित किया।