प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद बहुत कम समय में भ्रष्टचार पर रोक लगाने और विदेशों में जमा काले धन को देश में लाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने यहां विज्ञान भवन में सीबीआई तथा राज्य के भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो के 21वें वार्षिक सम्मेलन और संपत्ति पुन:प्राप्ति विषय पर आयोजित छठे ग्लोबल फोकल प्वाइंट कांफ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर कहा, "सरकार ने सत्ता में आने के बाद बहुत कम समय में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और विदेशों में जमा काले धन को देश में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।"उन्होंने कहा, "हमारी सरकार नौकरशाही को अधिक दक्ष, कायरेन्मुख और जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।"
मोदी ने कहा, "भारत में हम इस वक्त राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। हमारा उद्देश्य एक समृद्ध भारत का निर्माण करना है।"उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग जारी रखने की जरूरत है। उनकी सरकार भ्रष्टाचारियों को दंडित करने में किसी तरह की कोताही नहीं बरत रही है।
यहां 100 से भी अधिक देशों के प्रतिनिधियों का जोरदार स्वागत करते हुए मोदी ने कहा, "इस लक्ष्य को हासिल करने में भ्रष्टाचार मुख्य चुनौती है।"
उन्होंने कहा, "दुनिया के विभिन्न देशों की सरकारें गरीबों तथा हाशिये पर जी रहे लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए काम कर रही हैं। यह असंभव नहीं है। हालांकि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह जरूरी है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लगातार जारी रखी जाए।"
उन्होंने कहा कि भारत भ्रष्टाचार के खिलाफ है। प्रधानमंत्री ने कहा, "पदभार ग्रहण करते ही हमने भ्रष्टाचार व काले धन पर सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।"उन्होंने कहा, "काले धन के मुद्दे पर सूचना साझा करने को लेकर हम कई देशों के साथ समझौते के अंतिम चरण में हैं।"उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने फॉरेन अकाउंट टैक्स कम्प्लायंस एक्ट को लागू करने के लिए अमेरिका के साथ एक समझौता किया है।प्रधानमंत्री ने बताया, "यह समझौता भारतीय कराधान प्राधिकरणों को विदेशों में रह रहे भारतीयों के खातों की जानकारी हासिल करने में सक्षम बनाता है।"उन्होंने कहा कि एक व्यापक व निवारक कानून बनाया गया है, जो कड़े दंड व मुकदमों का प्रावधान करता है।