श्री गुरू ग्रंथ साहब, श्री अकाल तख्त साहब, शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक समिति और सिख मर्यादा पर बीते कुछ दिनों दौरान हुए हमलों के पीछे बड़ी सिख और देश विरोधी ताकतों का हाथ है, जिसके हमारे पास पुख्ता सबूत हैं और आने वाले दिनों में इन सभी व्यक्तियों के चेहरे बेनकाब कर देंगे। ये विचार पंजाब के उप मुख्य मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने स्थानीय गुरुद्वारा ननकाणा साहब में जिले के अकाली कार्यकर्ताओं की बैठक में रखे हैं।उन्होंने कहा कि इस मामले में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सी. बी. आई. को सौंपे जाने का भी यही मकसद है कि वह देश से बाहर बैठी इन ताकतों पर शिकंजा कस कर दूध का दूध और पानी का पानी किया जा सके।
बादल ने कहा कि यह ताकतों केवल अपने निजी लाभ के लिए ऐसी घिनौनी हरकतें करवा कर पंजाब में भाई को भाई से लड़वाने और दहशत पैदा करने के प्रयत्न कर रही हैं और कांग्रेस जैसे राजनीतिक दल सत्ता के लालच में इनका साथ दे रही हैं। कांग्रेस पार्टी, जिसने 1984 में श्री दरबार साहब पर हमला किया, श्री अकाल तख्त साहब को तहस नहस किया, जहां हजारों निर्दोष श्रद्धालुओं का कत्लेआम किया, इंदिरा गांधी की हत्या के बाद समूचे देश में निर्दोष सिखों को मारा और फिर पंजाब में दो दशकों तक खून की होली खेली, आज वह फिर सत्ता में आने के सपने ले कर घटिया हत्कंडों का इस्तेमाल कर रही है। श्री बादल ने कहा कि पहले कांग्रेस ने दरबारा सिंह और ज्ञानी जेल सिंह को मोहरा बना कर पंजाब को आर्थिक और राजनीतिक रूप से कमजोर किया था और हजारों सिखों का खून बहाया था और अब कैप्टन अमरिन्दर सिंह और प्रताप सिंह बाजवा जैसे व्यक्तियों को इस काम के लिए मोहरा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में देश और कौम विरोधी ताकतों की तरफ से किए गए तथाकथित सरबत खालसा में भी कांग्रेस का सीधा हाथ सामने आया है।
राज्य में शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं और नेताओं विरुद्ध होते प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए सुखबीर सिंह बादल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं को घेरने की गलती अब कोई न करे। शिरोमणि अकाली दल देश की दूसरी बड़ी पुरानी पार्टी है और अपने लगभग 95 साल के कार्यकाल में पार्टी ने देश की आजादी और इसके बाद हमेशा पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत के हितों की लड़ाई लड़ी है और लड़ता रहेगा। उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों से मुखातिब होते हुए बलपूर्वक कहा कि वे पंजाब विरोधी ताकतों को सिर नहीं उठाने देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी बलिदान क्यों ना करना पड़े। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल की 2017 में बनने वाली सरकार की लहर से घबरा कर ये सभी उलटे काम हमारे राजनीकि विरोधी कर रहे हैं और इसलिए वे सभी नाम चाहे अलग अलग रख कर घूम रहे हैं, परन्तु सोच एक ही रखते हैं, जिसे पार्टी वर्कर कामयाब नहीं होने देंगे।
बादल ने बताया कि शिरोमणि अकाली दल की ओर से तीन तीन जिलों की की जा रही रैलियों में संगरूर, बरनाला और मोगा की सदभावना रैली 28 नवंबर को मोगा में की जा रही है, जिसमें वर्कर उत्साह से शामिल हों और पंजाब में भाईचारक सांझ को मजबूत करने में अपना कीमती योगदान दें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जो एतिहासिक कार्य, जिमें 24 घंटे बिजली सप्लाई, किसानों को मुफ्त बिजली, आटा दाल योजना, सिख विरासत को संजोए रखने, शगुन स्कीम, बुजुर्गों को पैंशन और अन्य राहत योजनाएं मुख्य मंत्री प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व में शिरोमणि अकाली दल ने लागू की हैं। वह कोई पार्टी करना तो क्या, सोच भी नहीं सकती। उन्होंने कहा कि इस विकास लहर से घबरा कर ही आज यह देश विरोधी ताकतें पंजाब को तीस साल पहले वाले आतंकवाद की भट्टी में झोंकना चाहती हैं, जिससे हम सभी को जागरूक रहने की जरूरत है। जो लोग श्री अकाल तख्त साहब में तलवारें लहराते हैं और घटिया भाषा का प्रयोग करते हैं, वे आज सिख मर्यादा का हल्ला मचा रहे हैं और कैप्टन जैसे जो कभी अपने विधायकों और पार्टी नेतायों को नहीं मिलते वे मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को लोगों में रहने की सलाह दे रहे हैं।
इस अवसर पर पार्टी महासचिव सुखदेव सिंह ढींडसा ने पार्टी प्रधान को संगरूर पहुंचने पर स्वागतम कहते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि वे राजनीतिक रूप से सामना करें, ना कि घटिया चालों से राज्य में रुकावट बनने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल तो योद्धाओं की पार्टी है, जिसके नेताओं ने पंजाब के हक के लिए कई कई साल जेल में गुजारे हैं। वहीं वित्त मंत्री परमिन्दर सिंह ढींडसा ने लोगों को पंजाब विरोधी ताकतों की चालों से सुचेत रहने और 28 की मोगा रैली में बढ़ चढ़ कर भाग लेने की अपील की है।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहने वालों में मुख्य संसदीय सचिव प्रकाश चंद गर्ग, संत बलबीर सिंह घुन्नस, विधायक गोबिन्द सिंह लोंगोवाल, इकबाल सिंह झूंदा, वाइस चेयरमैन मंडी बोर्ड रविंदर सिंह चीमा, अकाली नेता श्री इजहार आलम, पूर्व मंत्री श्री नुसरत फतेह अली खान, श्री चरनजीत सिंह बराड़, रोजी बरकन्दी, श्री सतपाल सिंगला, जिला प्रधान श्री तेजा सिंह कमालपुर, एडवोकेट श्री वरिन्दर गोयल, शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के सदस्य श्री जैपाल सिंह मंडिआं, श्री इंदरमोहन सिंह लखमीरवाला, जत्थेदार गुरबचन सिंह बच्ची शामिल हैं।