पंजाब के मुख्य मंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आज कहा कि पंजाब आज न मात्र देश बल्कि पूरी दुनिया के लिए निवेश का पहला पसंदीदा स्थान बन चुका है और इस का अंदाजा पूंजी निवेशकों की तरफ से दिए गए आश्वासन से लगाया जा सकता है। दूसरे प्रगतिशील पंजाब सम्मेलन-2015 के दौरान व्यापारी वर्ग ने प्रदेश में निवेश के लिए एक लाख 12 हजार करोड़ से ज्यादा 376 समझोतों पर हस्ताक्षर किए हैं जिस से प्रदेश के 2.50 करोड युवाओं को रोजगार मिलेगा ।यहां इंडियन स्कूल आफ बिजनेस में दूसरे प्रगतिशील पंजाब सम्मेलन के अवसर पर देश विदेश से पहुंचे उद्ययोगपतियों को संबोधित करते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि दिसंबर-2013 में हुए पहले सम्मेलन व अब दूसरे सम्मेलन की सफलता ,उप मुख्य मंत्री स. सुखबीर सिंह बादल के प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पूंजी निवेश के पक्ष से पंजाब देश का सब से बढिय़ा प्रदेश बन गया है जिसका का श्रेय प्रदेश की बढिय़ा मार्गी नेटवर्क, रेल व हवाई सम्पर्क, उच्च दर्जे के संचार तकनीक को जाता है। यहां तक कि प्रदेश मेें निवेश के पक्ष से सभी शक्तियां एक ही अधिकारी को दी गई हैं जो 23 अलग-अलग विभागों को स्वीकृतियों को एक ही माह में अपने स्तर पर पूरी करने की क्षमता रखता है। स. बादल ने पोलैंड, चीन, हंगरी, दक्षिण कोरिया व डैलीगेट सहित अमरीका, इंगलैंड, फ्रांस, इटली, सिंगापुर की कम्पनियों के प्रवक्ताओं का भी धन्यवाद किया।
प्रदेश में बड़े स्तर पर निवेश को आकर्षित करने पर अपना पूरा उत्साह दिखाते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले ही पूंजी विनेशकों को वित्त में छुट दिए जाने के प्रयास किए हैं व प्रदेश में उद्योग को सथापित करने के लिए उद्योगपतियों की वारी है। स. बादल ने कहा कि वह प्रदेश में उद्योगीकरण की गति को तेज करने के लिए हर तरह से तैयार हैं। मुख्य मंत्री ने कहा कि उन की सरकार प्रदेश के सम्पूर्ण विकास व लोगों की खुशहाली के लिए उद्ययोग को स्थापित करने का स्वागत करती है। उन्होंने उद्योगपतियों को प्रदेश सरकार की तरफ से पूरा समर्थन , सहयोग देने के लिए घोषणा की। बादल ने कहा कि पंजाब को देश के उद्योगिक नक्शे पर बड़े स्तर पर उभारने के लिए मैं आपकों प्रदेश में बड़े स्तर पर पूंजी निवेश करने के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सभी सुविधाएं देने की घोषणा करता हूं।
प्रदेश का उद्ययोग अन्य स्थानों पर तबदील होने पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से उद्योगों को बड़ी सुविधाएं देने के बावजूद व्यापारी वर्ग यहां पर निवेश करने में हिचकचाते हैं। उन्होंने व्यापारी वर्ग को अपनी इस सौच को बदलने पर बल दिया। स. बादल ने कहा कि अगर पंजाब के मेहनती किसान देश को अनाज उत्पादन में स्वयं निर्भर बनाने के साथ साथ देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं वह आप के निवेश को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। उन्होंने कहा कि वह आश्वासन दिलाते हैं कि पंजाब में निवेश करने का उनका निर्णय कभी भी गलत नहीं होगा और हम एक साथ मिल कर सफलता की एक नई कहानी लिखेंगे।
पिछली केन्द्र सरकार की तरफ से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर जैसे पड़ोसी राज्यों को वित्ती सुविधाएं व लाभ देने के निर्णय पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि वह निजी रूप से इन प्रदेशों को सुविधाएं देने के निर्णय के खिलाफ नहीं हैं लेकिन इन सुविधाओं से पंजाब प्रदेश को वंचित रखा गया है जबकि पंजाब का देश के आर्थिक विकास में बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र का यह निर्णय गलत ही नहीं बल्कि एनके साथ अन्याय है । उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पंजाब के व्यापार को भी धक्का पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अब कृषि को उद्योग में तबदील करने का एक अहिम मौका है उन्होंने इस संबंध में कृषि पर आधारित उद्योग को वैट, सीएसटी व अन्य टैक्सों पर से छुट की घोषणा की।प्रदेश भर में कौशल प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने के लिए उद्योगपतियों को सहयोग करने की मांग करते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि उद्ययोग के उनकी तरफ से उठाया गया पहला कदम लाभदायक होगा और व्यापार को भी एक अलग शक्ति मिलेगी। जिसके चलते बेरोजगार युवा ट्रेनिंग लेकर बढिय़ा रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने संगठित बहू उद्देश्ीय प्रशिक्षण केन्द्र खोलने की प्रक्रिया को पहले ही शुरू कर चुके हैं। यह उत्पादन केन्द्र, स्वास्थ, कृषि व कृषि सहायक धंधों के क्षेत्र में खोले जा रहे हैं जिस से बेरोजगार युवा रोजगार पाने के काबिल बन जाएंगे।इस से पहले उप मुख्य मंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब अनाज पैदा करने वाले राज्यों के रूप में पहचान बना चुका है, जबकि वह महसूस करते हैं कि पंजाब को अनाज उत्पादन का ज्यादा मूल्य पैदा करने के लिए फूड प्रोसैसिंग में प्रथम राज्य बन जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में कृषि उत्पादन के लिए कच्चा माल भारी मात्रा में मिल जाता है जिसके चलते एग्रो प्रोसैसिंग उद्योग को वैट , केन्द्रीय सेल टैक्स व खरीद टैक्स से मुक्त करने का निर्णय लिया गया है। स. बादल ने यह भी घोषणा करते हुए कहा कि पंजाब देश का पहला इस तरह का राज्य होगा जिस में आने वाले वर्ष के जनवरी माह में सभी गांवों, सरकारी स्कूल व सरकारी अस्प्तालों में 4-जी की सुविधा के साथ जोड़ा जाएगा।
निवेशक सम्मेलन में 9 देशों के प्रवक्ताओं जिनमें पोलैंड से मंत्री स्तर का समुह शामिल हुआ है स. बादल ने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से 2013 के सम्मेलन के दौरान 63000 करोड़ के निवेशकों के साथ समझोते किए गए थे जिसमें से 41187 करोड़ का निवेश हो चुका है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री मदन मोहन मित्तल ने कहा कि पंजाब में उद्योग को उन्नति पर लेकर जाने के लिए किए गए प्रयास से पंजाब एक उद्योगिक राज्य के रूप में सामने आया है और यहां पर मैनूफैकचरिंग , टैक्सटाइल , एग्रो प्रोसैसिंग व आटोमोटिव के उद्योग के विस्तार की ज्यादा संभावनाएं हैं।इस अवसर पर केन्द्रीय फूड प्रोसैसिंग मंत्री श्रीमति हरसिमरत कौर बादल, कैबनिट मंत्री स. विक्रम सिंह मजीठिया, स. परमिन्द्र सिंह ढींडसा, स. सुरजीत सिंह रखड़ा, डा. दलजीत सिंह चीमा, स. गुलजार सिंह राणीके, स. शरणजीत सिंह ढिल्लो, स. सोहन सिंह ठंडल, संसदीय सदस्य जत्थेदार रणजीत सिह ब्रह्मपूरा, स. सुखदेव सिह ढींडसा, स. बलविन्द्र सिंह भूंदड़, श्री नरेश गुजराल, मुख्य सचिव श्री सरवेश कौशल, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री कर्ण अवतार सिंह, श्री सुरेश कुमार, श्री एनएस कलशी, श्री जगपाल सिंह, मुख्य मंत्री के प्रमुख सचिव श्री एसके संधू, मुख्य मंत्री के विशेष प्रमुख सचिव श्री गगनदीप सिंह बराड़ व सीईओ इंवेस्टमैंट पंजाब श्री अनुरुध तिवाड़ी व अन्य उपस्थित थे।