मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सरकार किसानों के लिए एक ऐसी योजना प्रारंभ करने पर विचार कर रही है, जिसमें किसानों को 100 रुपये की खाद-बीज सामग्री के लिए ऋण लेने पर 90 रुपये वापस करने होंगे। उज्जैन में कृषि महोत्सव के दौरान हुए कृषि उत्पाद संगठनों के महा-सम्मेलन में शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने किसानों की प्रोड्यूसर कम्पनी को सार्वजनिक उपक्रम को मिलने वाली सरकारी सुविधाएं देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि खाद्य प्र-संस्करण इकाई को 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा और कोल्ड-स्टोरेज और कोल्ड-चेन के निर्माण में सहायता भी मिलेगी।चौहान ने कहा कि कृषि उत्पादन संगठनों के गठन में मध्यप्रदेश सबसे आगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि उत्पाद संगठन को बैंको से ऊंची दर पर मिलने वाले ऋण पर राज्य शासन ब्याज अनुदान उपलब्ध कराएगी। किसान कंपनियां खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में आगे आएं। इससे खेती फायदे का धंधा बनेगी और किसानों के चेहरे पर मुस्कुराहट आएगी। सम्मेलन में नगरीय विकास तथा पर्यावरण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, स्कूल शिक्षा मंत्री पारस जैन, राज्यमंत्री दीपक जोशी एवं राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष हम्मत कोठारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री चौहान ने आगे कहा कि किसानों को सालाना गेहूं पर दिया जाने वाला बोनस सरकार के पास सुरक्षित है। इस राशि से एक नई योजना शुरू करने पर सरकार विचार कर रही है। योजना में अगर किसान 100 रुपये का खाद-बीज लेता है, तो उसे 90 रुपये लौटाने होंगे। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सरकार किसानों को आपदा में पर्याप्त राहत देने के लिए नई फसल बीमा योजना बनाने पर विचार कर रही है। योजना जब मूर्तरूप लेगी तो मध्यप्रदेश देश-दुनिया का पहला राज्य होगा, जहां ऐसी योजना लागू होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश से लोग इजराइल की खेती देखने जाते हैं। आने वाले समय में हम खेती-किसानी के लिए इतनी सुविधाएं विकसित कर लेंगे कि लोग मध्यप्रदेश की खेती देखने आएंगे। इसमें किसानों का सहयोग और इच्छा-शक्ति जरूरी है। उन्होंने बताया कि दो हजार 300 करोड़ रुपये की नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना तैयार हो रही है। पार्वती और कालीसिंध नदी को जोड़ने के भी प्रयास चल रहे हैं।