केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अस्पृश्यता में कमी आने के बावजूद समाज के इस विकार को जड़ से समाप्त करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। यहां 'अब और छूआछूत नहीं' विषय पर आयोजित एक राष्ट्रीय गोष्ठी को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान वास्तव में अस्पृश्यता के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई है।महर्षि दयानंद सरस्वती, महात्मा गांधी, डॉ. बी.आर. अंबेडकर एवं अटल बिहारी वाजपेयी जैसे धार्मिक एवं सामाजिक सुधारकों तथा राजनेताओं को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि जो हवा के विरुद्ध चलते हैं उन्हें बहादुर कहा जाता है। राजनाथ ने हिन्दू दर्शन में वसुधैव कुटुंबकम की मान्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि वह उस क्षण बेहद भावुक हो गए, जब सामाजिक रूप से उपेक्षित एक दलित महिला ने उन्हें मिठाई दी और उन्होंने उसके साथ भोजन किया। राजनाथ ने कहा कि कई लोग मेरे इस कदम को पसंद नहीं करते होंगे और क्रोधित होते होंगे, लेकिन वह परिणामों की चिंता नहीं करते। राजनाथ ने सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक और गोष्ठी के आयोजक बिंदेश्वरी पाठक की काम के जरिए मानवीय सेवा देने के लिए प्रशंसा की।