मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आपदा की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ है, किसान की 50 प्रतिशत से अधिक की क्षति को शत-प्रतिशत नुकसान माना जाएगा, जिसमें 15 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन आपदा प्रभावित क्षेत्र के दौरे पर हैं। उन्होंने शुक्रवार को रीवा जिले में फसलों की क्षति का खेतों में जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित किसानों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। चौहान ने रायपुर कर्चुलियान विकासखण्ड जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि फसल क्षति आकलन में जनता की भागीदारी सुनिश्चित कराई जाएगी। राजस्व, कृषि, ग्रामीण विकास विभाग के साथ जनता के बीच के पांच लोग भी सर्वे दल में होंगे। इसके बाद राहत राशि वितरित करवाई जाए। सर्वे सूची को पंचायत भवन में प्रदर्शित कराए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए।उन्होंने कहा कि किसान की 50 प्रतिशत से अधिक क्षति को शत-प्रतिशत नुकसान माना जाएगा, जिसमें 15 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त किसानों से उनके कर्जे की वसूली नहीं होगी और ब्याज शासन द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने फल न लगने वाली अरहर फसल का सर्वे करने के निर्देश भी दिए।
चौहान ने कहा कि किसानों को आगामी सीजन में शून्य प्रतिशत ब्याज पर कर्ज मिलेगा तथा फसल आने तक एक रुपये प्रति किलो गेहूं, चावल एवं नमक वितरित किया जाएगा। इसके साथ ही शत-प्रतिशत प्रभावित कृषकों को बच्चियों की शादी के लिए 25 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। उन्होंने आगामी फसल की पैदावार आने तक प्रभावितों से बिजली के बिल की वसूली नहीं किए जाने की बात इस दौरान कही।मुख्यमंत्री ने संभागायुक्त और जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि क्राप कटिंग परीक्षण कर फसल बीमा का लाभ दिलाने की पहल करें। इसमें बीमा कम्पनी द्वारा प्रदत्त राशि के अतिरिक्त जो राशि किसानों को देय होगी, उसे शासन वहन करेगा।