प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई से फोन पर बात की। मोदी ने अफगानिस्तान में शांतिपूर्वक एवं ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन और राष्ट्रीय एकता वाली सरकार सुनिश्चित करने के लिए करजई के नेतृत्व की सराहना की और उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि करजई की बुद्धिमत्ता, साहस और दूरदर्शिता के बिना ऐसा संभव नहीं होता। मोदी ने कहा कि करजई के नेतृत्व में अफगानिस्तान ने सशक्त, शांत, समावेशी, समृद्ध और लोकतांत्रिक देश बनने की दिशा में बड़ी प्रगति हासिल की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद पर रहते हुए करजई ने बहुत कठिन अवधि में अफगानिस्तान को शान्ति, समृद्धि और स्थिरता के रास्ते पर लाने में सफलतापूर्वक सहयोग दिया जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
प्रधानमंत्री ने भारत-अफगानिस्तान के संबंधों को मजबूत बनाने में करजई के योगदान का स्मरण किया। मोदी ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान दोनों देशों में नई सरकारें बनी हैं जिन्हें आपसी संबंधों को बढ़ाने में करजई के मार्गदर्शन की जरूरत है। करजई ने कहा कि वे भारत के साथ अपने संबंधों को याद रखे हुए हैं। किसी और देश ने अफगानिस्तान के लिए इतना नहीं किया। भारत ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद अफगानिस्तान को सहायता दी। करजई ने विश्वास व्यक्त किया कि अफगानिस्तान की नई सरकार भारत-अफगानिस्तान संबंधों को मजबूत बनाने को उच्च प्राथमिकता देगी। मोदी ने कहा कि करजई के लिए भारत दूसरा घर रहा है और वह हमारे विशेष मित्र बने रहेंगे। प्रधानमंत्री ने करजई को शीघ्र भारत आने का निमंत्रण दिया। करजई ने कहा कि उन्हें शीघ्र भारत यात्रा की प्रतीक्षा है।