मैडम जी, हम पढ़ना चाहते हैं, बेसहारा हैं, कमाने वाला कोई नहीं, हमारा सहयोग करो। ये गुहार कुंजपुरा गांव में आयोजित खुले दरबार में मंगलवार देर रात दो भाई-बहनों रजनीश व सोनिया ने अपनी विधवा माता सुरती देवी के साथ बरेी उपायुक्त रेनू एस फुलिया के समक्ष लगाई। उपायुक्त ने बच्चों की भावना को देखकर तुरंत जिला समाज कल्याण अधिकारी को आदेश दिए कि सरकार की तरफ से इन बच्चों को छात्रवृति दिलाने व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए कि इस परिवार का बी.पी.एल. कार्ड बनवाने के लिए कार्यवाही करे और परिवार को आश्वासन दिलाया कि उन्हें हर संभव सहयोग किया जाएगा।
खुले दरबार में 44 शिकायते आईं, जिनके उपायुक्त ने समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए । उन्होंने ग्रामीणों की मांग को पूरा करते हुए कहा कि स्टेडियम के पास स्थित हडडी रोडा के स्थान को शीघ्र अन्य जगह बदला जाएगा, गांव के स्टेडियम में करीब 10 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक केन्द्र बनाया जाएगा तथा बास्केट बाल के मैदान को पक्का किया जाएगा व स्टेडियम में बिजली व पानी का प्रबंध शीघ्र करवाया जाएगा। करनाल से कुंजपुरा तक आने वाली बसों के दौरे बढ़ाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को कोई दिक्कत न हो।
खुले दरबार में कुंजपुरा गांव के लोगों ने उपायुक्त से अपील की कि उनको हरियाणा सरकार द्वारा 100-100 गज के प्लाट अलाट किए गए हैं परंतु उनकी रजिस्ट्री नहीं की गई है, इस पर उपायुक्त ने बी.डी.पी.ओ. नरेश शर्मा व करनाल के तहसीलदार हरीओम अत्री को निर्देश दिए कि 10 जून तक सभी अलाट किए गए प्लाटों की रजिस्ट्री की जाए। ग्रामीणों ने उपायुक्त के सामने मांग रखी कि गांव में हैचरी के कारण मक्खी व मच्छरों का प्रकोप बढ रहा है, गंदगी के कारण कईं बीमारियां आदमियों व पशुओं में आ रही हैं। इस पर उपायुक्त ने पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डा. शक्ति सिंह को निर्देश दिए कि तुरंत हैचरी के मालिकों से इसके समाधान के लिए मिलें, यदि कोई समाधान न निकले तो इस मामले को उपमण्डलाधीश करनाल की कोर्ट में लगवाएं, इस पर धारा 133 के तहत कार्यवाही की जाएगी।
खुले दरबार में कुंजपुरा निवासी बलजीत सिंह ने शिकायत की कि उन्होंने पंचायत की जमीन पटटे पर ली है परंतु पडोसी ने उसपर कब्जा कर लिया है, इस पर उपायुक्त ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए कि दोषी के खिलाफ पर्चा दर्ज करवाकर पंचायती जमीन से कब्जा छुडवाया जाए। दरबार में मनरेगा में काम करने वाले कुंजपुरा वासियों ने शिकायत की कि मनरेगा में जो लोग मजदूरी नहीं करते उनके खातों में भी पैसे भेजे गए हैं, इसपर उपायुक्त ने कडा संज्ञान लेते हुए उपमण्डलाधीश करनाल को जांच करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने गांव के मजदूर याली राम के लिए उपायुक्त से उसका बारिश के कारण गिरे हुए कच्चे मकान को पक्का बनवाने की मांग की, इस पर उपायुक्त ने खंड विकास एंव पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए कि जांच करके इस व्यक्ति का पक्का मकान बनाया जाए। कुंजपुरा वासी सरदार मंजीत सिंह ने मांग की कि संजय लैदर कंपनी से गंदा पानी निकलता है, जिसके कारण उनका जीना काफी दूभर हो रहा है, इस पर उपायुक्त ने प्रदूषण विभाग के अधिकारी निर्देश दिए कि जांच करके लैदर कंपनी के मालिक को नोटिस दिया जाए कि वे गंदे पानी की निकासी का प्रबंध करें।
दरबार में कुंजपुरा वासी लीलावती ने नाली बनवाने, बलबीर सिंह ने कब्जा हटवाने, नाथी राम, कृपाल ने गुगा माडी के आस-पास की सफाई करवाने, सतपाल रंगा ने कब्जा हटवाने व बाहरी नाले की सफाई करवाने के बारे में आवेदन दिए। इसी प्रकार सुमन और प्रेम ने पक्का मकान बनवाने, दरबार में आए खराजपुर वासियों ने बाल्मिकी चौपाल की मर मत करवाने, राजकुमार व रमेश ने नाले की सफाई करवाने, बडा गांव वासी मदन लाल ने ट्रांसफार्मर देने, महमदपुर वासी शांति ने पैंशन बनवाने संबंधी शिकायत उपायुक्त के सामने रखी। इसपर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इसके समाधान के लिए तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने खुले दरबार के शुरू होने से पहले अपने संबोधन में कहा कि जहां प्रशासन खुले दरबार लगाकर लोगों की समस्या सुनकर उनका निराकरण करता है, वहीं प्रशासन द्वारा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी जाती है तथा समाज में फैली कुरीतियों के बारे में लोगों को जानकारी दी जाती है। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों का जिले में लिंगानुपात में बढौतरी के सहयोग के लिए धन्यवाद किया और उन्होंने कहा कि उन सभी के प्रयास से अब जिले का लिंगानुपात 898 तक पंहुच गया है जोकि पिछले साल 847 था। इसके लिए उन्होंने जिले के सभी पंचायतों में जाकर लोगों को जागरूक किया और इसके बाद उन्होंने कहा कि एक और ज्वलित मुददा जल बचाव हमारे सामने है इस पर भी हमने गहराई से काम करना है, अगर जल नहीं है तो कल नहीं है, जल रहेगा तो जीवन रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे पानी का दोहन रोकें, इस बात को आने वाली पीढ़ी के सामने न आने दें कि एक था राजा एक थी रानी, एक था पानी। उन्होंने कहा कि जितना हो सके पानी का सदुपयोग करें।
कार्यक्रम में सेवानिवृत एच.सी.एस. अधिकारी व कुंजपुरा निवासी नरेन्द्र सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ मिलकर दुनार फूड क पनी की ओर से करनाल जिला में जल संरक्षण को लेकर विशेष मुहिम छेड़ी गई है। उन्होंने दरबार में उपस्थित युवाओं के साथ संवाद करते हुए कईं तथ्यों की जानकारी दी और कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से ग्लेसियर बडी तेजी से पिघल रहे हैं, जिनका पानी नदियों के रास्ते होकर शहरों को निगल जाएगा। वार्मिंग से प्रकृति का चक्र बिगड़ गया है, जिससे रेनफाल कम हो रही है और भूमिगत जल को बढ़ाने के लिए भूमिगत जल रिचार्ज नहीं हो पाता। जो वर्षा होती है उसका अधिकांश पानी बेकार समुद्र में चला जाता है। समुद्र में एकत्र पानी का शुद्धिकरण करना मंहगी प्रक्रिया है, दूसरी और भूमिगत जलस्तर काफी नीचे चला गया है। अब समय आ गया है, इसे रोकना होगा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए जनसं या नियंत्रण के उपाय भी करने होंगे, वर्ना आने वाले वर्षों में आबादी बढ़ने से प्रदूषण बढ़ेगा और मानव अस्तित्व के खतरे बढ जाएंगे।
खुले दरबार में सिविल सर्जन डा. वंदना भाटिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी बलजीत सिंह ग्रेवाल, जिला बागवानी विकास अधिकारी रणबीर मान ने अपने-अपने विभागों की जानकारी उपस्थित लोगों को दी। इस अवसर पर उपमण्डलाधीश करनाल मुकुल कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी आशा मुंजाल, जिला रैडक्रास सचिव सुनील कुमार, पंचायती राज के कार्यकारी अधिकारी रामफल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी दलीप खत्री, कुंजपुरा के सरपंच महेन्द्र फौजी सहित सभी विभागों के आला अधिकारी उपस्थित थे।