हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने जाखू रोप-वे के निर्माण को हरी झंडी दे दी। मुख्य न्यायाधीश एएम खानवेलकर व न्यायाधीश आरवी मिश्रा की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा डेविएशन पर तय की गई कंपाउडिंग फीस के जैक्सन रोप-वे कंपनी द्वारा जमा करने के दृष्टिगत ये आदेश पारित कर सरकार के निर्णय पर अपनी मुहर लगा दी। इस तरह लंबे समय से अधर में लटका यह प्रोजेक्ट अब शीघ्र पूरा हो जाएगा। गौरतलब है कि 2005 में इस रोप-वे को बनाने के लिए जैक्सन कंपनी द्वारा निर्माण कार्य शुरू किया गया। मगर कई तरह की स्वीकृति लेने के बावजूद किसी न किसी कारणवश प्रोजेक्ट के कार्य बाधा आती रही। इस निर्माण के लिए कंपनी द्वारा जो 11 ढांचे का निर्माण किया गया उस ढांचे में दो मंजिलों को स्वीकृत प्लान के विपरीत पाया गया। इस कारण हाई कोर्ट के समक्ष इस मामले पर संज्ञान लिया गया तथा अतिरिक्त पेड़ों के कटने से पर्यावरण को हुए नुकसान के कारण भी होई कोर्ट में मामला पहुंचा। राज्य सरकार द्वारा कैबिनेट से लिए निर्णय के दृष्टिगत इसका निपटारा किया गया।