हिमाचल लोकहित पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष महेश्वर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार को महाराष्ट्र की तर्ज पर क्रिकेटरों की सुरक्षा का खर्च एचपीसीए से ही वसूल करना चाहिए। जनता के टैक्स के पैसों से खिलाड़ियों की सुरक्षा पर धनराशि व्यय करना किसी भी सूरत में तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार भाजपा के घोटालों की जांच करने में प्रदेश सरकार विफल हो रही है। दाल,108 एंबुलेंस, भूमि, फोन टैपिंग आदि घोटाले पर जांच नहीं कर पाई है। कांग्रेस चार्जशीट में जो पूर्व सरकार के कार्यकाल से घोटालों के आरोप लगाए हैं उन मामलों में भी सरकार जांच तक नहीं बैठा पाई है। मंडी उप चुनाव में हिलोपा उम्मीदवार नहीं उतारेगी। कांग्रेस को हिलोपा समर्थन देगी मगर मंच पर साथ नहीं होगी।यहां पत्रकारों से बातचीत में हिलोपा सुप्रीमो महेश्वर सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की धर्मशाला में जमीन खरीद फरोख्त, पैवेलियन सहित अन्य तथाकथित अवैध निर्माण को लेकर मामला निचली अदालत में पहुंच गया है। इसमें प्रेम कुमार धूमल, एचपीसीए के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, दीपक सानन, ठाकुर गुलाब सिंह व एक अन्य अधिकारी आरएस गुप्ता को इस मामले में पार्टी बनाया है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की मांग को हास्यास्पद बताया जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों की जांच के लिए न्यायिक कमीशन गठित करने का आग्रह किया है। महेश्वर ने कहा कि धूमल ने अपने कार्यकाल में तो कभी इसका गठन नहीं किया। उन्होंने कहा कि विजिलेंस और एसआइटी से पूर्व सरकार के घोटालों की जांच होनी चाहिए जिस पर हिमाचल हाईकोर्ट की निगरानी हो। उन्होंने कहा कि एचपीसीए का विरोध करती रही कांग्रेस मामले पर जांच में ढील बरत रही है। उन्होंने कहा कि स्की विलेज का विरोध किया जाएगा। सरकार ने उच्च न्यायालय से मामला जो वापस लिया है इस पर भी सरकार को स्थिति स्पष्ट कर देनी चाहिए। वहीं कौशल भत्तो के नाम पर भी सरकार राज्य के बेरोजगारों से धोखा कर रही है। नए मापदंड लगाकर तो 28 साल की उम्र मे ऐसा भत्ता देगी। इस अवसर पर महेंद्र नाथ सोफ्त, टिक्कू ठाकुर भी मौजूद थे।