श्री अमृतसर साहिब सिक्ख इतिहास में एक विलक्षण स्थान रखने वाला शहर हैं। गुरूओं द्वारा बसाई इस धरती को अंतराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन के मानचित्र पर उभारने के लिए पंजाब सरकार द्वारा कई विशेष प्रोजैक्ट आंरभ किये गये हैं। गत दिवस केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत किये बजट में श्री अमृतसर साहिब को 'विरासती नगरी योजना में शामिल किये जाने से अब अमृतसर अंतराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन नगर बन जाएगा। केन्द्रीय वित मंत्री अरूण जेतली द्वारा पेश किये बजट में श्री अमृतसर साहिब को 500 करोड़ वाली विरासती शहर योजना में शामिल करना ऐतिहासिक पहल कदमी हैं जिससे इस ऐतिहासिक शहर की कायाकल्प हो जाएगी। पंजाब के पर्यटन व सांस्कृतिक मामले मंत्री सोहन सिंह ठंडल ने यहां जारी प्रैस बयान में उक्त प्रगटावा किया । उन्होने कहा कि केन्द्रीय रेल बजट में श्री अमृतसर साहिब के लिए विशेष रेलगाडिय़ा भी चलाई गई है। 'कोलकाता-अमृतसर राष्ट्रीय ओद्यौगिक कोरीडोर से इस पवित्र शहर को बड़ा लाभ होगा।
श्री अमृतसर साहिब को पयर्टन के तौर पर विकसित करने के पंजाब सरकार द्वारा उठाए गये कदमों का जिक्र करते हुये स. ठंडल ने कहा कि श्री अमृतसर साहिब के चौगिर्दे/गलियारें को सुंदर बनाने के लिए विशेष प्रोजैक्ट आंरभ किया गया हैं जिस पर लगभग 120 करोड़ रूपये खर्च किये जाएगें। उन्होने बताया कि यह गौरवमयी प्रोजैक्ट इसी वर्ष अगस्त महीने तक सम्पूर्ण किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि जंगी शहीदों की याद में अमृतसर-अटारी रोड़ पर सात एकड़ भूमि पर'वार हीरोज मैमोरियल स्थापित किया जा रहा हैं। यह जंगी यादगार उन बहादुर पंजाबी जवानों की याद में याद को हमेशा रखेगा,जिन्होने देश की रक्षा के लिए अपनी कुर्बानिया दी। ठंडल ने बताया कि अकाली-भाजपा सरकार द्वारा भगवान वाल्मीकि की याद में 'भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल की स्थापना भी की जा रही है, जो अंतराष्ट्रीय स्तर का धार्मिक स्थल होगा। इसके निर्माण पर लगभग 200 करोड़ रूपये खर्च आएगें। उन्होने कहा कि यूपीए सरकार में पंजाब के मंत्रियों ने भी अमृतसर की सार नही ली थी पंरतु अब एनडीए सरकार के पहले बजट ने ही अमृतसर की नुहार बदलने की दिशा में पग उठाया हैं जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।